अहिल्यानगर में पानी बिल वसूली अभियान तेज, बंद जल योजनाएं शुरू करने के आनंद भंडारी ने दिए निर्देश
Radhakrishna Vikhe Patil News: अहिल्यानगर में बढ़ती गर्मी और संभावित जल संकट के बीच CEO आनंद भंडारी ने बकाया पानी बिल वसूली अभियान चलाने और बंद पड़ी जल योजनाएं शुरू करने के निर्देश दिए।
- Written By: आंचल लोखंडे
CEO Anand Bhandari (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Ahilyanagar Water Crisis News: राधाकृष्ण विखे पाटिल के निर्देशों के बाद अहिल्यानगर जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की कमी से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आनंद भंडारी ने बकाया पानी बिल की वसूली अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, बढ़ती गर्मी और एल नीनो की स्थिति को देखते हुए भविष्य में संभावित जल संकट से निपटने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। हाल ही में खरीफ समीक्षा बैठक के दौरान पालकमंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने पानी की कमी दूर करने के उपायों की अलग से समीक्षा की थी। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में जल संकट का प्रभाव कम करने और बंद पड़ी जल योजनाओं को शुरू करने के निर्देश दिए थे।
40 क्षेत्रीय जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित
इसी पृष्ठभूमि में जिला परिषद में जिले की 40 क्षेत्रीय जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जलापूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता हितेंद्र चव्हाण, विभिन्न ग्राम पंचायतों के अधिकारी, संयुक्त समिति के अध्यक्ष, सचिव और समूह विकास अधिकारी ऑनलाइन शामिल हुए।
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बैठक में पानी टैक्स की बढ़ती बकाया राशि पर चिंता जताते हुए CEO आनंद भंडारी ने सभी ग्राम पंचायत अधिकारियों को विशेष वसूली अभियान चलाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान ग्रामवार जल कर बकाया, योजनाओं की स्थिति, ग्राम पंचायतों द्वारा की गई वसूली, जलापूर्ति कर्मचारियों की संख्या और समितियों के कामकाज पर चर्चा की गई।
…तो जल योजनाएं कैसे चलेंगी
आनंद भंडारी ने कहा कि जल योजनाओं को सुचारु रूप से चलाने के लिए मरम्मत, रखरखाव, बिजली बिल, बांध के पानी का शुल्क, शुद्धिकरण सामग्री और कर्मचारियों के वेतन जैसे खर्चों को ध्यान में रखकर पानी टैक्स निर्धारित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “यदि आय नहीं होगी, तो जल योजनाएं कैसे चलेंगी?”
पानी की योजना बनाने के निर्देश
CEO आनंद भंडारी ने कहा कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ पानी की उचित योजना बनानी चाहिए, ताकि नागरिकों को जल संकट का सामना न करना पड़े।
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जिले की आठ जल योजनाएं बंद
जानकारी के अनुसार, जिले की 40 क्षेत्रीय जलापूर्ति योजनाओं में से आठ योजनाएं फिलहाल बंद हैं। इनमें राहुरी तालुका की मुसलवाड़ी, अकोले की शिगनवाड़ी-लावहलवाड़ी और टिटवी, शेवगांव की शहर तकली, संगमनेर की तलेगांव दिघे, नेवासे तालुका के घोगरगांव, गलनिंब, शिरसगांव और पारनेर तालुका का कन्हुर पठार शामिल हैं। बताया गया कि तलेगांव दिघे की जल योजना हाल ही में शुरू हुई है, जिससे वहां की पानी समस्या दूर होने की संभावना है। बाकी गांवों में लोग फिलहाल वैकल्पिक जल स्रोतों पर निर्भर हैं।
