जालसाजों ने 21 एकड़ जमीन हड़पी, नेवासा में दो सेतु चालकों समेत 6 लोगों पर केस दर्ज
Nevasa Land Fraud Case: अहमदनगर के नेवासा में फर्जी दस्तावेज और नकली वारिस प्रमाणपत्र बनाकर 21 एकड़ से अधिक जमीन हड़पने का मामला सामने आया है।
- Written By: आंचल लोखंडे
land document forgery (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ahilyanagar Crime: अहिल्यानगर जिले के नेवासा में नकली दस्तावेज तैयार कर और फर्जी वारिस दर्ज कराकर 21 एकड़ से अधिक पुश्तैनी जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। इस मामले में नेवासा पुलिस स्टेशन में दो सेतु चालकों सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
इस संबंध में मोजेस संजय जाधव (निवासी नेवासा खुर्द) ने नेवासा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार नेवासा बुद्रुक क्षेत्र में उनके परिवार की 21 एकड़ 17 गुंठा पुश्तैनी कृषि भूमि है, जो उनके परदादा केरू भगवंता जाधव (मृतक) के नाम पर दर्ज है।
ऐप के जरिए जमीन के रिकॉर्ड की जांच
परिवार के सदस्य लंबे समय से काम के सिलसिले में गांव से बाहर रहते थे। इसी दौरान जमीन की विरासत दर्ज कराने की प्रक्रिया के दौरान फरवरी 2026 में ऑनलाइन ऐप के जरिए जमीन के रिकॉर्ड की जांच की गई। जांच के दौरान फार्म ग्रुप नंबर में शरद पीटर जाधव और प्रमिला भोसले के नाम दर्ज होने का पता चला। इसके बाद तलाठी कार्यालय में पूछताछ की गई। दस्तावेजों की जांच में सचिन रतन धोंगड़े और संदीप अप्पासाहेब मुठे (मुठेवडगांव, तालुका श्रीरामपुर) की भूमिका सामने आई।
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छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तहसील कार्यालय के सामने स्थित सेतु केंद्र के संचालकों की मिलीभगत से फर्जी वारिस शपथपत्र और वारिस प्रमाणपत्र तैयार किए गए और उसी के आधार पर जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव किया गया। इस शिकायत के आधार पर नेवासा पुलिस स्टेशन में छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक मनोज अहिरे कर रहे हैं।
सेकेंडरी रजिस्ट्रार के सामने पेश किए गए नकली वारिस
मामले में शरद पीटर जाधव और प्रमिला सचिन भोसले नामक दो फर्जी वारिसों को सेकेंडरी रजिस्ट्रार के सामने पेश कर जमीन की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया पूरी की गई। इसमें सेतु संचालक सचिन धोंगड़े और संदीप मुठे ने गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए थे। नकली दस्तावेजों के आधार पर जमीन उनके नाम दर्ज कराई गई थी।
इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
- मोजेस संजय जाधव की शिकायत पर निम्नलिखित आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है:
- सचिन रतन धोंगड़े (नेवासा बुद्रुक)
- संदीप अप्पासाहेब मुठे (मुठेवडगांव, तालुका श्रीरामपुर)
- शरद पीटर जाधव (नेवासा बुद्रुक)
- प्रमिला सचिन भोसले (पिंपरी-चिंचवड़)
- संजय विष्णु भगत (साईनाथनगर, तालुका नेवासा)
- मीना सतीश जाधव (अरडगांव, तालुका राहुरी)
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सभी दस्तावेज और हस्ताक्षर निकले नकली
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने छह लोगों के फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार कराए थे। इसके साथ ही नकली विरासत प्रमाणपत्र और विरासत पंजीकरण शपथपत्र भी बनाए गए थे।
ग्राम पंचायत समेत संबंधित कार्यालयों ने जांच में पुष्टि की कि ये सभी प्रमाणपत्र पूरी तरह फर्जी हैं। सरपंच, पुलिस पाटिल और सोसाइटी चेयरमैन के हस्ताक्षर और मोहर भी नकली पाए गए हैं।
