‘कर्जदार किसान, अदालत में पेश हों…’ बैंकों से भ्रम; अहिल्यानगर के किसानों को नोटिस जारी
Notice to Farmers: बैंकों ने बकाया ऋण वसूली के लिए सीधे 'राष्ट्रीय लोक अदालत' के नाम से नोटिस भेज दिए हैं। नोटिस में 'कार्रवाई' की भाषा से पता चलता है कि अहिल्यानगर के किसान डरे हुए हैं।
- Written By: आंचल लोखंडे
'कर्जदार किसान, अदालत में पेश हों (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Ahilyanagar News: कृषि व्यय और आय का हिसाब-किताब मेल नहीं खाने से किसान दहशत में हैं। एक ओर जहाँ किसान सरकार द्वारा किए गए ऋण माफी के वादे पर नज़र गड़ाए हुए हैं, वहीं दूसरी ओर बैंकों ने बकाया ऋण वसूली के लिए सीधे ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ के नाम से नोटिस भेज दिए हैं। नोटिस में ‘कार्रवाई’ की भाषा से पता चलता है कि किसान डरे हुए हैं। राहुरी तालुका में कई सहकारी समितियों से बकाया ऋण वसूली का काम चल रहा है। अब राष्ट्रीयकृत बैंकों ने भी वसूली का काम शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र बैंक ने किसानों को नोटिस भेजकर शनिवार, 13 सितंबर को उपस्थित होने को कहा है।
साथ ही, अगर ऋण राशि चुका दी जाती है, तो किसान को ‘आगे की अदालती कार्रवाई’ से छूट मिलने का अप्रत्यक्ष खतरा भी है। इससे किसान सदमे में है और चूँकि वादा करने वाली सरकार ने ही उसे धोखा दिया है, अब सवाल यह उठ रहा है कि वह न्याय किससे माँगे। कोरोना से मरने वाले किसानों के नाम भी नोटिस जारी किए गए हैं।
आत्महत्या न करें: औताड़े
दुर्भाग्यवश, बैंक और सरकार की दोहरी और असंवेदनशील भूमिका के कारण नगर जिले में किसानों की आत्महत्याएँ बढ़ रही हैं। जिला किसान संगठन बिना किसी डर के, जिला किसान संगठन की ओर से अदालत में दायर वसूली के मामलों के संबंध में किसान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से संपर्क करें। कोई भी किसान गलत निर्णय न ले। किसान संगठन हमारे साथ खड़ा रहेगा और राज्य सरकार को किसानों का ऋण माफ करने के लिए मजबूर करेगा, अनिल औताड़े ने अपील की।
सम्बंधित ख़बरें
पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्ज माफी योजना को मंजूरी, किसानों की नजर अब अमल पर
अहिल्यानगर, सोलापुर और परभणी MLC चुनाव में उम्मीदवारों को लेकर सस्पेंस बरकरार
‘देवाभाऊ’ ने दी महा कर्जमाफी, चुनाव के बाद मिलेगा लाभ, 56 लाख किसानों को मिलेगी राहत
अकोला RSS कार्यालय प्रकरण में मदन भरगड, साजिद खान पठान समेत सभी आरोपी बरी
किसानों का अंत नज़र नहीं आ रहा: प्राजक्त तनपुरे
‘देवाभाऊ’ सरकार ने सत्ता में आने से पहले कर्ज़ माफ़ी का वादा किया था। अब वे उसे भूल गए हैं। सरकार को किसानों के साथ धोखा नहीं करना चाहिए। अगर कर्ज़ वसूली के लिए नोटिस भेजकर किसानों पर दबाव बनाया जा रहा है, तो हम चुप नहीं बैठेंगे। सरकार को बिना कोई और अंत देखे तुरंत कर्ज़ माफ़ी का फ़ैसला सुना देना चाहिए। पूर्व मंत्री प्राजक्त तनपुरे ने अपील की।
ये भी पढ़े: मुंबई के विक्रोली में हिंदू परिवार का घर जलाने की कोशिश, लगे ‘सर तन से जुदा’ के पोस्टर
पार्टी प्रमुख एकनाथ शिंदे से मिलूँगा: रवि मोरे
सरकार ने कर्ज़ माफ़ी का वादा किया है। कर्ज़ माफ़ी देर-सवेर होगी। इसलिए, बैंकों को जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए। फिर भी, किसान अभूतपूर्व और सुल्तानी संकट में पूरी तरह थक चुके हैं। अगर बैंक नोटिस भेजकर किसानों पर अत्याचार करते हैं, तो शेतकरी सेना आंदोलन करेगी। शिवसेना की शेतकरी सेना के पश्चिम महाराष्ट्र उपाध्यक्ष रवींद्र मोरे ने कहा, “मैं इस मुद्दे पर अपने पार्टी प्रमुख और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मिलूँगा।”
