Ashok Kharat case (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ahilyanagar News: अहिल्यानगर जिले सहित पूरे राज्य में भोंदूबाबा अशोक खरात का मामला तेजी से बढ़ रहा है। आस्था, अध्यात्म और चमत्कार के नाम पर इस साम्राज्य का काला चेहरा अब सामने आया है। इस पूरे प्रकरण का प्रभावशाली राजनीतिक, सामाजिक और सरकारी हलकों में भी देखा जा रहा है। विशेष रूप से शिरडी में संपत्ति की खरीद और वहां होने वाली बैठकों को लेकर जिलों में भारी उत्सुकता बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, इस भोंडूबाबा के नेटवर्क की जड़ें शिरडी और राहता तालुका में गहराई तक फोटो खिंची हुई हैं। बताया जा रहा है कि उसने सकुरी और काकाडी हवाईअड्डे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जमीन खरीदकर, एलाशिया होटल किराए पर और करोड़ों रुपये के वित्तीय ऋण-डेन के माध्यम से एक विशाल साम्राज्य खड़ा कर लिया है। आस्था के नाम पर बनाया गया यह इकोनॉमिक नेटवर्क अब संदेह के घेरे में है।
मिली जानकारी के अनुसार, बाबा के नाम पर लगभग दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति होने का अनुमान लगाया जा रहा है। अलग-अलग शहरों में जमीन, फ्लैट, होटल और निवेश के बड़े नेटवर्क की बात सामने आती है।
इस मामले में 5 मार्च को तब अहम मोड़ आया, जब कैप्टन बाबा के एक करीबी कर्मचारी ने अहिल्यानगर के पुलिस कप्तान सोमन घरगे को एक पेन ड्राइव पर ले जाया। इस पेन ड्राइव में मौजूद जानकारी ने डायग्नोस्टिक्स को चौंका दिया।
पुलिस अधीक्षक सोमनाथ घरगे ने तुरंत राज्य के गृह मंत्री देवेंद्र फड़नवीस को इसकी जानकारी दी। मामले की जांच करते हुए दुकानदारों ने संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद जांच में तेजी आई।
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला दिसंबर 2024 की शुरुआत में शुरू हुआ था। संबंधित कर्मचारी ने क्लोज-होम महीने तक संपर्क किए गए कैमरे की मदद से कई कैप्चर किए गए वीडियो रिकॉर्ड किए। दावा किया जा रहा है कि इन वीडियो में महिलाओं के साथ गाली-गलौज, संजू के नाम पर द्वैत अभिनय और अन्य नाट्य भूमिकाएं दिखाई गई हैं।
यह भी सामने आया है कि प्रसाद के रूप में दी जाने वाली नाइटली में क्रीड़ा और घिनौनी सामग्री मिलाई गई थी। आरोप है कि भक्तों का मानसिक और शारीरिक शोषण किया जा रहा था। सबसे गंभीर आरोप यह है कि जिस कर्मचारी ने इन हमलों को अंजाम दिया, उसे एक पुलिस अधिकारी ने सरकारी दफ्तर में अवैध तरीके से तैनात किया।
ये भी पढ़े: पुणे पैटर्न पर चलें नागपुर मनपा! एक ठेकेदार को 3 से ज्यादा काम नहीं; वसीम खान और अभिजीत झा की बड़ी मांग
मामले में कुछ गिरफ्तारियां तो जरूर हुई हैं, लेकिन अभी भी कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब बाकी हैं। यह नेटवर्क कितना बड़ा है? इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं? और सबसे महत्वपूर्ण क्या विचारधारा को जस्टिस मिल की सलाह? यह घटना केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि अंधविश्वास, भय और अंधभक्ति पर आधारित पूरे सिस्टम का सैद्धांतिक चेहरा एक साथ है।
शिरडी में शिकायत दर्ज करने के बाद जांच तेज हो गई है। पुलिस ने पूरे मामले की जांच की दिशा बदल दी है। अब रियल चैलेंज शिरडी-राहता क्षेत्र में इस आर्थिक और सामाजिक नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा रहा है। इसके लिए सख्त, सख्त और कठोर जांच अत्यंत आवश्यक है। यह मामला केवल एक ‘बाबा’ का नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम का सचिवालय से गायब हो गया है।