देश छोड़कर विदेश भागने की फिराक में था भोंदू बाबा, सीएम फडणवीस ने विधानसभा में खोला अशोक खरात का कच्चा चिट्ठा

Devendra Fadnavis On Ashok Kharat: देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में अशोक खरात का काला चिट्ठा खोला। SIT जांच, 100 अश्लील वीडियो और 150 विदेशी दौरों के खुलासे से महाराष्ट्र में हड़कंप।
Devendra Fadnavis On Ashok Kharat
Devendra Fadnavis On Ashok Kharat (डिजाइन फोटो)
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CM Fadnavis On Ashok Kharat Case: महाराष्ट्र की राजनीति और सामाजिक गलियारों में हड़कंप मचाने वाले नासिक के स्वयंभू बाबा अशोक खरात मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज विधानसभा में बेहद चौंकाने वाले तथ्य रखे।

मुख्यमंत्री ने सदन को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि आरोपी अशोक खरात केवल एक साधारण जालसाज नहीं है, बल्कि उसने 'ब्रह्मांड विज्ञान' और 'दैवीय शक्तियों' के नाम पर उच्च-प्रोफाइल महिलाओं का मानसिक और शारीरिक शोषण किया है। पुलिस की सक्रियता के कारण उसे देश छोड़कर भागने से पहले ही दबोच लिया गया।

मामले की शुरुआत और जबरन वसूली की शिकायत

यह मामला सबसे पहले जनवरी 2025 में सामने आया था, जब अशोक खरात ने खुद वावी पुलिस स्टेशन (नाशिक) में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि दिनेश परब और राजेंद्र जासूद नामक व्यक्ति उसके और एक महिला के निजी फोटो वायरल करने की धमकी देकर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांग रहे हैं। हालांकि, बाद में साइबर जांच में खरात के इन दावों के ठोस सबूत नहीं मिले।

एआई (AI) जनरेटेड अश्लील फोटो और नया मोड़

फरवरी 2026 में शिरडी की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि नीरज जाधव नामक व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर उसका एआई-जनरेटेड अश्लील फोटो भेजकर उसे ब्लैकमेल किया। इस जांच के दौरान जब पुलिस ने अशोक खरात के करीबी गवाह योगेश भालेराव से पूछताछ की, तो असली सच्चाई सामने आई। भालेराव ने पुलिस को 35 ऐसे वीडियो दिखाए, जिनमें खरात 8 अलग-अलग महिलाओं के साथ अघोरी कृत्य और यौन शोषण करता हुआ दिखाई दिया।

गिरफ्तारी और लुकआउट सर्कुलर (LOC)

मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि अशोक खरात के देश छोड़कर भागने की प्रबल संभावना थी। इसे रोकने के लिए पुलिस ने 10 मार्च 2026 को ही लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया था। अंततः 17 मार्च 2026 को सरकारवाडा पुलिस स्टेशन में एक पीड़िता द्वारा बलात्कार और काले जादू (Black Magic Act) की शिकायत दर्ज कराने के बाद उसे रात 11:59 बजे गिरफ्तार कर लिया गया।

अशोक खरात का 'कार्य करने का तरीका'

धार्मिक विश्वास का दुरुपयोग: खरात महिलाओं को विश्वास दिलाता था कि उसके पास दैवीय शक्तियां हैं। वह उन्हें मंत्र-तंत्र और धार्मिक अनुष्ठानों के नाम पर अपने 'ओकस प्रॉपर्टीज' कार्यालय में बुलाता था।

सम्मोहन और नशीले पदार्थ: पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि वह उन्हें नशीला पदार्थ मिला हुआ पानी पिलाकर सम्मोहित (Hypnotize) कर देता था।

डर और धमकी: वह महिलाओं को उनके पति की मृत्यु का डर दिखाकर या उनका जीवन बर्बाद करने की धमकी देकर बार-बार बलात्कार करता था।

सम्मोहन, काला जादू और अघोरी कृत्यों का मायाजाल

सीएम फडणवीस ने सदन में बताया कि अशोक खरात खुद को 'कैप्टन' कहता था और 'ओकस प्रॉपर्टीज' नामक अपने कार्यालय को शोषण का अड्डा बना रखा था। वह महिलाओं को विश्वास दिलाता था कि उनके परिवार या पति पर भारी संकट आने वाला है और उसे टालने के लिए उन्हें खरात के प्रति 'पूर्ण समर्पण' करना होगा। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि वह पीड़ितों को नशीला पानी पिलाकर सुध-बुध खोने पर मजबूर करता था। पुलिस ने उसके ठिकानों से सांपों के इस्तेमाल और अन्य अघोरी प्रथाओं के साक्ष्य भी जुटाए हैं, जिसके कारण उस पर 'महाराष्ट्र नरबलि और अन्य अमानुष प्रथा निवारण अधिनियम' के तहत मामला दर्ज किया गया है।

SIT की कमान और राजनीतिक संलिप्तता की जांच

इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तेजस्वी सातपुते के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। फडणवीस ने सदन को आश्वस्त किया कि इस मामले में किसी भी आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) अधिकारी या राजनीतिक नेता की संलिप्तता पाई गई, तो उन्हें सीधा सह-आरोपी बनाया जाएगा। उन्होंने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए यह भी सवाल उठाया कि पिछली सरकारों के दौरान खरात के आश्रम को विशेष सुविधाएं और 40 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन कैसे प्रदान की गई थी। फिलहाल, खरात पुलिस हिरासत में है और उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।

विधानसभा में हुए इस खुलासे के बाद महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि महिलाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे नासिक जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अंधश्रद्धा या पाखंडी बाबाओं के झांसे में न आएं।

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