Bhandardara Dam centenary (सोर्सः सोशल मीडिया)
Bhandardara Dam Centenary: भंडारदरा डैम के सौ साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित किए जाने वाले फेस्टिवल के लिए सभी विभाग मिलकर एक व्यापक एक्शन प्लान तैयार करें। साथ ही, शिरडी लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र है, इसलिए भक्तों की सुविधा और आध्यात्मिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए शिरडी का विकास प्लान बनाया जाना चाहिए, ऐसा निर्देश जिले के पालकमंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने दिया।
भंडारदरा, निलवंडे पर्यटन विकास योजना, शिरडी विकास योजना और सिना नदी विकास परियोजना के संदर्भ में जिला कलेक्टर कार्यालय में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पालकमंत्री विखे पाटिल संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जिला कलेक्टर डॉ. पंकज आसिया, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आनंद भंडारी, जिला पुलिस अधीक्षक सोमनाथ घर्गे, उप वनसंरक्षक धर्मवीर सालविट्ठल, नगर परिषद आयुक्त यशवंत डांगे, जिला नियोजन अधिकारी दीपक दातिर, औद्योगिक विकास निगम के विभागीय अधिकारी गणेश राठौड़, सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता लक्ष्मीकांत जाधव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
पालकमंत्री विखे पाटिल ने कहा कि भंडारदरा डैम के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक शताब्दी समारोह समिति बनाई गई है। इस क्षेत्र में अलग-अलग कार्यक्रमों के लिए पूरे साल का कैलेंडर तैयार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों में स्थानीय लोक कलाकारों को शामिल किया जाए, ताकि स्थानीय लोक कला को प्रोत्साहन मिले और रोजगार के अवसर भी बढ़ें। कार्यक्रम स्थल पर टेंट, बिजली की आकर्षक लाइटिंग और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। क्षेत्र में जगह की कमी को ध्यान में रखते हुए सुनियोजित योजना बनाना जरूरी है। वन विभाग को भी पर्यटन विकास के लिए आवश्यक योजना तैयार करनी चाहिए।
शिरडी विकास योजना के बारे में विखे पाटिल ने कहा कि शिरडी साईं बाबा की पवित्र भूमि है और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। इसलिए यहां विकास कार्य करते समय आध्यात्मिक माहौल को ध्यान में रखकर योजना बनाई जानी चाहिए। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को मानसिक शांति देने के लिए मेडिटेशन सेंटर जैसी सुविधाएं भी विकसित की जानी चाहिए।
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शिरडी आने वाली सड़कों का विकास किया जाए और शहर में मन को शांति देने वाले फव्वारे भी लगाए जाएं। पालकमंत्री ने शहर में वाहनों और भीड़ को नियंत्रित करने, सड़कों के किनारे पार्क विकसित करने और आवश्यकता के अनुसार सार्वजनिक शौचालय बनाने के भी निर्देश दिए।