अहिल्यानगर अर्बन बैंक मामले में बड़ी कार्रवाई, भ्रष्टाचार से जुड़े लोगों की संपत्तियां सीज

Ahilyanagar Urban Bank Scam:अहिल्यानगर अर्बन बैंक घोटाले में महाराष्ट्र सरकार ने चेयरमैन, डायरेक्टर और कर्जदारों की 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त कर दी हैं।
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Ahilyanagar Urban Bank Scam (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Maharashtra Urban Bank Property Seizure: महाराष्ट्र सरकार ने नुकसान में डूबी हुई अर्बन बैंक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार बैंक के चेयरमैन, डायरेक्टर, वरिष्ठ अधिकारियों और कुछ बड़े कर्जदारों की संपत्तियां जब्त कर ली हैं। इस कार्रवाई का आधिकारिक नोटिफिकेशन महाराष्ट्र सरकार के होम डिपार्टमेंट ने 18 मार्च को जारी किया है। सहकारिता आंदोलन में इस फैसले को एक मॉडल और मार्गदर्शक कदम माना जा रहा है।

बैंक रेस्क्यू कमेटी ने इस गंभीर मामले में सरकार और अदालत के साथ लगातार फॉलोअप किया। इसके परिणामस्वरूप जमाकर्ताओं को उनकी जमा रकम का लगभग 70 प्रतिशत वापस मिल चुका है। शेष 30 प्रतिशत में से 15 प्रतिशत राशि अप्रैल 2026 में दी जाएगी। सरकार द्वारा जब्त की गई संपत्तियों की कुल कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। इस कार्रवाई से जमाकर्ताओं की रकम, ब्याज, बैंक के स्वयं के फंड और कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

इन लोगों की संपत्तियां और खाते जब्त

राज्य सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार जिन लोगों की अचल संपत्तियां और बैंक खाते सीज किए गए हैं, उनमें शामिल हैं: सुरेश शिवराम सतपुते, रमेश शिवराम सतपुते, मनोज वसुमल मोतियानी, केशव भाऊसाहेब काले, विनोद कुमार अन्नासाहेब श्रीखंडे, अनिल चंदूलाल कोठारी, महादेव पंढरीनाथ साल्वे, अजय अमृतलाल बोरा, रवींद्र विट्ठल कडूस, सतीश विट्ठल रोकड़े, मनेश दशरथ साठे, गिरीश केदारनाथ लाहोटी, राजेंद्र केशवराव डोले, नवनीत शांतिलाल सुप्रिया, शैलेश सुरेश मुनोत, राखी शैलेश मुनोत, दिनेश पोपटलाल कटारिया और अक्षय कटारिया शामिल हैं।

इसके अलावा राजेंद्र लुनावत, केदार मुरलीधर लाहोटी, शिवदास दिलीप गायकवाड़, शीतल शिवदास गायकवाड़, सचिन दिलीप गायकवाड़, संदीप ईश्वरदार वाघमारे, रवींद्र विट्ठल जेजुरकर और अशोकलाल माधवलाल कटारिया के नाम भी सूची में शामिल हैं। साथ ही राजेंद्र बहिरू म्हस्के और टेरासॉफ्ट टेक्नोलॉजी से जुड़े आशुतोष सतीश वुल्फ के बैंक खाते भी फ्रीज कर दिए गए हैं।

दिवंगत BJP नेता के परिवार की संपत्ति भी जब्त

जब्त की गई संपत्तियों में अर्बन बैंक के तत्कालीन चेयरमैन और पूर्व मंत्री दिवंगत दिलीप गांधी के परिवार से जुड़ी संपत्तियां भी शामिल हैं। उनके कार्यकाल के दौरान बैंक की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती चली गई थी। गांधी परिवार के जिन सदस्यों की संपत्तियां जब्त की गई हैं, उनमें प्रगति देवेंद्र गांधी, सरोज दिलीप गांधी, दीप्ति सुवेंद्र गांधी, देवेंद्र दिलीप गांधी और सुवेंद्र दिलीप गांधी शामिल हैं।

मल्टीस्टेट दर्जे के बाद बढ़ा भ्रष्टाचार

पूर्व मंत्री दिलीप गांधी के कार्यकाल में 2014 के बाद बैंक को मल्टीस्टेट का दर्जा मिला था। इसके बाद बैंक में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार सामने आए। लोन वितरण में भारी घोटाला हुआ, जिससे कई जमाकर्ताओं की जिंदगी प्रभावित हुई।

कुछ मामलों में जांच के डर से बैंक से जुड़े कुछ अधिकारियों द्वारा आत्महत्या करने की घटनाएं भी सामने आईं। बढ़ते भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के कारण 2023 में बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया गया। बैंक में जमाकर्ताओं की बड़ी रकम फंस गई थी और बैंक का लगभग 175 करोड़ रुपये का स्वयं का फंड भी डूब गया।

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