अकोला: नेहरू पार्क में प्रकृति संवर्धन कार्यक्रम, पक्षियों के लिए पानी पात्र और अनाज का वितरण

Akola Nehru Park Bird Water Bowls Distribution: अकोला के नेहरू पार्क में शिवतेज प्रतिष्ठान द्वारा पक्षियों के लिए पानी पात्र और अनाज वितरण किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण पर दिया गया जोर।
Akola: Nature Conservation Program at Nehru Park; Distribution of Water Bowls and Grains for Birds
Akola Nature Conservation Awareness Program ( Source: Social Media )
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Akola Nature Conservation Awareness Program: अकोला नेहरू पार्क में आयोजित प्रकृति संवर्धन एक विशेष कार्यक्रम में शिवतेज प्रतिष्ठान द्वारा पक्षियों के लिए पानी पात्र और अनाज वितरण किया गया। इस अवसर पर अकोला महानगर पालिका के आयुक्त डॉ. सुनील लहाने ने कहा कि "प्रकृति के सभी प्राणी एक-दूसरे पर निर्भर हैं, इसलिए प्रकृति का संवर्धन आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

प्रत्येक नागरिक को इसकी जिम्मेदारी निभानी चाहिए," डॉ. लहाने ने योगगुरु मनोहर इंगोले को आयुष मंत्रालय द्वारा योग और नेचुरोपैथी क्षेत्र में चयनित किए जाने पर बधाई दी।

कार्यक्रम की शुरुआत योगगुरु मनोहर इंगोले और अनुराधा इंगोले के सत्कार से हुई। सरला कागलीवाल ने भागवत पूर्ण करने पर योगगुरु का विशेष सम्मान किया।

शिवतेज प्रतिष्ठान हर वर्ष योगगुरु की माता चंद्रभागा और पिता उद्धवनाथ की स्मृति में पक्षियों के लिए पानी पात्र और अनाज वितरण करता है। इस वर्ष भी यह परंपरा निभाई गई। कार्यक्रम का प्रास्ताविक बालासाहब काले ने किया और प्रतिष्ठान के कार्यों का जायजा प्रस्तुत किया।

साहित्यकार एड.अनंत खेडकर ने प्रकृति संगोपन पर विशेष जानकारी दी और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया, कार्यक्रम में बी. एस. देशमुख, उत्तम डूकरे, नारायणराव गावंडे, निर्माण ग्रुप के गणेशराव देशमुख और अविनाश पाटिल उपस्थित रहे।

शिवतेज इंगोले, पुरुषोत्तम गुप्ता, अतुल पलसपगार, अनुराधा इंगोले और अर्चना माने ने आयोजन में विशेष योगदान दिया। संचालन पी. के.वी. के उपसंचालक डॉ. गोविंद जाधव ने किया और आभार एड. वामन चौधरी ने व्यक्त किया।

प्रकृति संवर्धन ही सच्ची सेवा

  • इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में यह जागरूकता फैलाना था कि "स्वच्छता और प्रकृति संवर्धन ही सच्ची सेवा है।
  • पक्षियों के लिए पानी और भोजन उपलब्ध कराना केवल सेवा नहीं, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की जिम्मेदारी है।
  • कार्यक्रम ने प्रकृति संरक्षण का महत्व स्पष्ट किया और नागरिकों को यह संदेश दिया कि प्रकृति की रक्षा करना ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ा उपहार है।
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