Pathardi Shevgaon farmers (सोर्सः सोशल मीडिया)
Pathardi Shevgaon Farmers: पाथर्डी और शेवगांव सहित जिले के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से खेती को भारी नुकसान हुआ है। ओले गिरने से आम और अन्य फलों के बागानों को भी गंभीर क्षति पहुंची है, जिससे किसान सदमे में हैं।
जिले के पाथर्डी और शेवगांव तालुका के कई गांव इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। शेवगांव तालुका के धोरजलगांव में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। वहीं पाथर्डी तालुका के पश्चिमी क्षेत्र के गांव-करंजी, चिचोंडी शिरल, लोहसर, खांडगांव, भोसे, सतवाड़, घाटसिरस, जोहरवाड़ी, धारवाड़ी, गीतेवाड़ी, डोंगरवाड़ी, दामलवाड़ी और मालेगांव-भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। कई खेतों में खड़ी फसल तेज हवाओं और बारिश के कारण गिर गई है। इसके अलावा संतरे के बागानों को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। कुछ स्थानों पर बुधवार शाम को, तो कुछ जगहों पर गुरुवार सुबह तथा गुड़ी पड़वा के दिन दोपहर 2 बजे के बाद बारिश हुई। इसके बाद तेज हवाएं चलने लगीं और कई इलाकों में ओले भी गिरे, जिससे खेतों में ओलों की परत जमा होती देखी गई।
मालेगांव क्षेत्र में बेमौसम बारिश से कटाई के लिए रखी बाजरा, गेहूं और चने की फसल को भारी नुकसान हुआ है। कई जगहों पर खड़ी फसलें भी उखड़ गई हैं। बारिश के कारण मिर्च की फसल भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।
प्याज की फसल सड़ने का खतरा
धोरजलगांव में गेहूं, प्याज, चना, ज्वार, बाजरा, मूंग और बागानों को ओलों से भारी नुकसान हुआ है। कटाई के लिए तैयार प्याज के खेतों में बारिश का पानी भरने से प्याज सड़ने का खतरा बढ़ गया है।
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दोपहर में बारिश और ओलावृष्टि के बाद ठंडी हवाएं चलने लगीं। शाम के समय शहर सहित जिले के कई हिस्सों में हवाओं की रफ्तार बढ़ गई। आसमान में घने बादल छाने पर किसान खेतों में रखा सामान सुरक्षित करने के लिए दौड़ पड़े। कई जगहों पर बिजली चमकने से भी दहशत का माहौल बना रहा।
किसानों की आर्थिक स्थिति और फसल बीमा कंपनियों के जटिल नियमों के कारण अधिकांश किसानों ने रबी सीजन के लिए फसल बीमा नहीं कराया था। ऐसे में अब नुकसान की भरपाई के लिए उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा है। प्रभावित किसान राजेंद्र देशमुख ने प्रशासन से मांग की है कि बेमौसम बारिश से हुई फसल क्षति का जल्द से जल्द सर्वे कर किसानों को मुआवजा दिया जाए।