Radhakrishna Vikhe Patil (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ahilyanagar Unseasonal Rain: शिरडी के जल संसाधन और पालक मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने प्रशासन को राहाता तालुका सहित पूरे अहिल्यानगर जिले में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज़ तूफान से हुए फसल नुकसान का 100 प्रतिशत सटीक पंचनामा कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि किसी भी किसान को नजरअंदाज न किया जाए।
गुरुवार को जिले में हुई बेमौसम बारिश के बाद उन्होंने जिला कलेक्टर पंकज आसिया से नुकसान की जानकारी ली। इसके बाद प्रभावित किसानों को तुरंत सहायता देने के उद्देश्य से वे पाथरे (बी.) गांव पहुंचे और किसानों के खेतों तथा डैम का निरीक्षण किया।
इस दौरान मंत्री विखे पाटिल ने किसान संजय भाऊसाहेब घोलप और गोपालक सोपान घोलप के खेत और गौशाला का भी दौरा किया। तेज आंधी-तूफान के कारण बिजली का तार गिरने से 9 गायों की मौत की दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई थी। मंत्री विखे पाटिल ने घोलप परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और हर संभव सरकारी मदद दिलाने का आश्वासन दिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घोलप परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और सरकारी स्तर से तुरंत मदद सुनिश्चित की जाए। मंत्री विखे पाटिल ने बताया कि संगमनेर में 2 घर, राहुरी में 9 घर और कोपरगांव में 1 घर को नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन को पूरे नुकसान का 100 प्रतिशत पंचनामा करने का आदेश दिया गया है। गुरुवार को जिले के अधिकांश हिस्सों में फिर से बारिश हुई, जिससे जामखेड में एक जानवर की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि सरकार सभी प्रभावितों को मुआवजा दिलाने का प्रयास कर रही है।
पाथरे येथील अवकाळी पावसाच्या नुकसानग्रस्तांना तातडीने मदत देण्याचे निर्देश… 📍पाथरे, राहाता राहाता तालुक्यातील पाथरे येथील गोपाल सोपान घोलप यांच्या गोठ्यावर वादळी वाऱ्यामुळे वीज वाहक तार पडून दहा गायी दगावल्याची अत्यंत दुर्दैवी घटना घडली. आज त्यांच्या निवासस्थानी भेट देऊन… pic.twitter.com/o89aba3Mzm — Radhakrishna Vikhe Patil (@RVikhePatil) April 3, 2026
बिजली वितरण कंपनी को भी निर्देश दिया गया है कि तूफान से गिरी बिजली की लाइनों और खंभों को तुरंत दुरुस्त कर गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल की जाए। राहाता तालुका में 18 मार्च, 30 मार्च और 1 अप्रैल 2026 को हुई बारिश से 1,800 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 2,759 किसानों को नुकसान हुआ है। मंत्री विखे पाटिल ने निरीक्षण के बाद बताया कि गेहूं, प्याज, अंगूर, मक्का, अनार, चना, तरबूज और आम जैसी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
तेज हवाओं के कारण खेतों में रखी उपज के साथ-साथ शेडनेट और पॉलीहाउस को भी काफी नुकसान हुआ है। जिले के अन्य तालुकों में हुई बारिश से 42,618 किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। गुरुवार को जिले के अधिकांश हिस्सों में हुई बारिश के कारण जामखेड में 1, संगमनेर में 2, राहुरी में 9 और कोपरगांव में 1 घर में पशुओं की मौत की घटनाएं सामने आई हैं। जिला प्रशासन को इन सभी नुकसान का 100 प्रतिशत पंचनामा करने का निर्देश दिया गया है।
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निरीक्षण दौरे के दौरान शिरडी उपविभागीय अधिकारी मानिक आहेर, संगमनेर उपविभागीय कृषि अधिकारी अक्षय गोसावी, तालुका कृषि अधिकारी आबासाहेब भोरे, गट विकास अधिकारी विवेक गुंड, नायब तहसीलदार हेमंत पाटिल, मंडल कृषि अधिकारी रमेश चौपड़े, सहायक कृषि अधिकारी मीना जाधव, बिजली वितरण कंपनी के इंजीनियर गाडे और पशुसंवर्धन अधिकारी डॉ. संपत तांबे उपस्थित थे।