पुणे रिंग रोड प्रोजेक्ट (सौ. सोशल मीडिया )
Pune Inner Ring Road Project Delay: पुणे शहर की यातायात समस्या कम करने के लिए महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (एमएसआरडीसी) द्वारा बनाए जा रहे आउटर रिंग रोड के काम में तेजी आई है।
वहीं पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) के इनर रिंग रोड प्रोजेक्ट की प्रगति अभी भी धीमी नजर आ रही है। करीब 14,200 करोड़ रुपये के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को जमीन अधिग्रहण, वन भूमि मंजूरी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण अपेक्षित गति नहीं मिल पा रही है।
पीएमआरडीए की योजना के अनुसार, Pune Inner Ring Road की कुल लंबाई 83.12 किलोमीटर और सड़क की चौड़ाई 65 मीटर प्रस्तावित है। इस मार्ग पर 2 रेलवे फ्लाईओवर, 11 सुरंगें (कुल 12.62 किमी), 17 मुख्य पुल और 9 इंटरचेंज बनाए जाने हैं।
यह सड़क शहर के प्रमुख महामार्गों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। फिलहाल, प्रोजेक्ट के पहले चरण में सोलु इंटरचेंज से वडगांव शिंदे तक के मार्ग को प्राथमिकता दी गई है, जो पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे और पुणे-अहिल्यानगर मार्ग को जोड़ेगा। पहले चरण के फेज 1 (सोलू से निगुंडी) के लिए लगभग 884.89 करोड़ रुपये और फेज 2 (निर्गुडी से वडगांव शिंदे) के लिए 310.89 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है।
प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक 720.78 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। 11 सितंबर 2023 की सरकारी अधिसूचना के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को सामाजिक प्रभाव आकलन (एसआईए) से छूट दी गई है। सोलू, निर्गुडी और वडगांव शिंदे गांवों में संयुक्त मापन पूरा हो चुका है और अब मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है।
दूसरे, तीसरे और चौथे चरण के लिए हवेली तालुका के नौ गांवों कदमवाक बस्ती, वडाचीवाड़ी, पिसोली, येवलेवाड़ी, गुजर-निंबालकरवाड़ी, मांगदेवाड़ी, भिलारवाड़ी, जांभुलवाड़ी और आंबेगांव खुर्द खुर्द की जमीनों के प्रस्ताव जिलाधिकारी कार्यालय को भेजे गए हैं।
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पिंपरी चिंचवड़ से नवभारत लाइव के लिए अमोल येलमार की रिपोर्ट