कभी बेचा करते थे दूध, सरपंच से लेकर विधानसभा तक…ऐसा रहा शिवाजीराव कर्डिले का सफर
Shivajirao Kardile Political Journey: भाजपा विधायक शिवाजीराव कर्डिले का 66 वर्ष की उम्र में हार्ट अटैक से निधन हो गया। उन्होंने दूध विक्रेता से विधायक और मंत्री बनने तक का सफर तय किया।
- Written By: आकाश मसने
शिवाजीराव कर्डिले (डिजाइन फोटो)
Who Is Shivajirao Kardile: राहुरी निर्वाचन क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक और नेता शिवाजीराव कर्डिले का आज 17 अक्टूबर 2025 तड़के दिल का दौरा (severe heart attack) पड़ने से निधन हो गया है। वह 66 वर्ष के थे। उनके आकस्मिक निधन से उनके समर्थकों को बड़ा झटका लगा है, और अहिल्यानगर जिले सहित पूरे राज्य में शोक व्यक्त किया जा रहा है।
शिवाजी कर्डिले का राजनीतिक सफर काफी रोमांचक और प्रेरणादायक रहा है, जो दूध उत्पादक किसान से शुरू होकर विधायक और राज्यमंत्री के पद तक पहुंचा।
दूध उत्पादक से की करियर की शुरुआत
अहिल्यानगर तालुका के बुऱ्हाणनगर गांव से संबंध रखने वाले कर्डिले ने अपने करियर की शुरुआत सामान्य दूध उत्पादक के रूप में की थी। दूध बेचने के लिए वह नगर शहर आया करते थे। उनमें नेतृत्व और संगठन कौशल था, जिसके कारण उन्हें तभी से राजनीति का आकर्षण था।
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पहली बार निर्दलीय चुनाव लड़कर विधायक बने कर्डिले
शिवाजीराव ने अपनी राजनीतिक यात्रा सरपंच पद से शुरू की और धीरे-धीरे आगे बढ़े। जब नगर तालुका विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र था, तब शिवाजी कर्डिले ने निर्दलीय (Independent) उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
राहुरी विधानसभा क्षेत्र बनने के बाद, शिवाजीराव कर्डिले ने वहां से भी जीत दर्ज की। अपक्ष, राष्ट्रवादी कांग्रेस, और भाजपा उनके राजनीतिक सफर के मुख्य पड़ाव रहे हैं। उन्होंने दक्षिण लोकसभा सीट से भी चुनाव लड़ा था।
प्रधानमंत्री मोदी भी आए थे चुनाव प्रचार में
कर्डिले ने नगर और राहुरी तालुका के साथ-साथ जिले की राजनीति में भी अपना दबदबा बनाए रखा था। 2014 में जब उन्होंने राहुरी से चुनाव लड़ा था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके प्रचार के लिए आए थे। 2019 के चुनाव में उन्हें हार मिली थी, लेकिन वह 2024 के चुनाव में फिर से विजयी हुए।
पीएम मोदी से मिलते शिवाजीराव कर्डिले (सोर्स: सोशल मीडिया)
एनसीपी विधायक जगताप के ससूर
शिवाजीराव कर्डिले ने अहिल्यानगर जिले में अन्य राजनीतिक हस्तियों के साथ रिश्तेदारी स्थापित करके राजनीति में अपना स्थान मजबूत किया था। वह अहिल्यानगर के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक संग्राम जगताप के ससुर थे।
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स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे
हाल के वर्षों में, कर्डिले बीमारियों से ग्रसित थे। कुछ महीने पहले ही उनकी रीढ़ की हड्डी की सफल सर्जरी हुई थी। सर्जरी के बाद उनकी सेहत में सुधार हुआ और उन्होंने जनता की सेवा का कार्य फिर से शुरू कर दिया था। हालांकि, आज तड़के उन्हें अस्वस्थ महसूस हुआ और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शिवाजीराव कर्डिले का हाथ पकड़कर सीढ़ियों से नीचे ले जाते हुए पूर्व सांसद सुजय विखे पाटिल
शिवाजी कर्डिले विभिन्न आरोपों और आपराधिक मामलों के कारण कई बार विवादों में भी फंसे रहे थे। इन सबके बावजूद, अपने मजबूत जनसंपर्क और लोगों के बीच लगातार घुलने-मिलने की आदत के कारण, उन्होंने जिले में अपना राजनीतिक वर्चस्व बनाए रखा।
मुख्यमंत्री ने कर्डिले को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि जनसामान्यों से नाता रखने वाला नेतृत्व छिन गया है। कर्डिले के निधन से राहुरी निर्वाचन क्षेत्र सहित नगर जिले में शोक की लहर फैल गई है।
