भाजपा नेता और राहुरी के विधायक शिवाजीराव कर्डिले का दिल के दौरा पड़ने से निधन

Shivajirao Kardile Passes Away: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और राहुरी विधायक शिवाजीराव कर्डिले का शुक्रवार की सुबह 67 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन हो गया है।
Shivaji Kardile BJP MLA from Rahuri Dies After Cardiac Arrest
शिवाजीराव कर्डिले (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Rahuri MLA Shivajirao Kardile Cardiac Arrest: महाराष्ट्र की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बड़े नेता के रुप में शुमार और राहुरी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक शिवाजीराव कर्डिले का शुक्रवार की सुबह 67 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन हो गया है। उनके अचानक चले जाने से अहमदनगर जिले के राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वयोवृद्ध नेता का निधन गंभीर दिल का दौरा (severe heart attack) पड़ने के कारण हुआ। उन्हें सुबह के शुरुआती घंटों में सांस लेने में कठिनाई का अनुभव हुआ, जिसके बाद उन्हें तुरंत अहिल्यानगर के साई दीप सह्याद्री अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने वहां उनकी मृत्यु की पुष्टि कर दी।

रोहित पवार ने दी श्रद्धांजलि

शिवाजीराव कर्डिले को श्रद्धांजलि देते हुए NCP नेता रोहित पवार ने कहा, "शिवाजीराव कर्डिले के निधन की खबर बेहद दुखद है। उनके असामयिक निधन से उनके परिवार और निर्वाचन क्षेत्र सहित सभी लोग स्तब्ध हैं।

सरपंच से शुरू हुआ था लंबा राजनीतिक सफर

शिवाजीराव कर्डिले की राजनीतिक यात्रा बुरहानगर गाँव के सरपंच के रूप में शुरू हुई और वे महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य (MLA) बनने के साथ-साथ मंत्री पद तक भी पहुँचे। राजनीति में आने से पहले, कर्डिले मुख्य रूप से डेयरी उद्योग में एक व्यवसायी थे। अपने नेतृत्व कौशल और स्थानीय समुदाय के लिए किए गए सामाजिक कार्यों के कारण उन्होंने स्थानीय राजनीति में अपनी गहरी छाप छोड़ी।

अपने विस्तृत करियर के दौरान, उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ काम किया। उनकी राजनीतिक संबद्धताओं में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP), और अंत में भाजपा शामिल थीं।

कर्डिले ने पहली बार 2009 में एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीता। उन्होंने एनसीपी के टिकट पर लोकसभा चुनाव भी लड़ा था, हालांकि उन्हें उसमें सफलता नहीं मिली थी। 2014 के चुनावों में, उन्होंने विधायक सीट पर दमदार वापसी की और जीत हासिल की।

उनकी 2014 की जीत विशेष रूप से उल्लेखनीय थी क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुरी में उनके चुनावी अभियान के समर्थन में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित किया था। हालांकि कर्डिले ने 2019 के चुनावों में अपनी सीट गंवा दी थी, लेकिन उनका राजनीतिक प्रभाव पूरे क्षेत्र में मजबूत बना रहा। उनका असामयिक निधन भाजपा पार्टी के लिए और राहुरी की जनता के लिए एक बड़ी क्षति बतायी जा रही है। लोग उनको श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com