अहिल्यानगर नगर निगम में वेतन संकट, कर्मचारियों ने दी काम बंद आंदोलन की चेतावनी
Ahilyanagar Municipal Corporation: अहिल्यानगर नगर निगम कर्मचारियों को फरवरी की सैलरी नहीं मिलने से कर्मचारी यूनियन ने चेतावनी दी है कि सोमवार तक वेतन नहीं मिला तो काम बंद कर दिया जाएगा।
- Written By: आंचल लोखंडे
Ahilyanagar Municipal Corporation (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ahilyanagar Workers Protest: अहिल्यानगर नगर निगम कर्मचारियों को फरवरी महीने की सैलरी अभी तक नहीं मिली है। इस वजह से नगर निगम कर्मचारी यूनियन ने कड़ा रुख अपनाया है। यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक वेतन नहीं दिया गया तो कर्मचारी काम बंद कर देंगे।
नगर निगम में चल रहे मौजूदा विरोध को लेकर यूनियन ने नाराज़गी जताई है और कहा है कि यदि इस मुद्दे का समाधान नहीं हुआ तो वे अदालत का दरवाज़ा भी खटखटाएंगे। यूनियन के अध्यक्ष जितेंद्र सारसर और सचिव आनंद वायकर ने बताया कि शुरुआत में केवल जलापूर्ति और स्वच्छता विभाग की सेवाएं जारी रखी जाएंगी। लेकिन यदि इसके बाद भी कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला, तो ये आवश्यक सेवाएं भी बंद कर दी जाएंगी।
टैक्स स्ट्रक्चर का पुनरीक्षण नहीं
उन्होंने कहा कि शहर का काफी विस्तार हो चुका है, लेकिन आय बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। सामान्यतः टैक्स स्ट्रक्चर का पुनरीक्षण हर दस वर्ष में किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा न होने के कारण नगर निगम की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। यूनियन ने पार्षदों की आलोचना करते हुए कहा कि कुछ पार्षद जल कर और गृह कर में कमी की मांग कर रहे हैं। जो लोग आय बढ़ाने का विरोध कर रहे हैं, वही लोग प्रशासनिक व्यवस्था में बाधा डाल रहे हैं।
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‘उनकी’ संपत्ति से की जाए वसूली
यूनियन ने स्पष्ट कहा है कि यदि कोई पार्षद पानी और घर के टैक्स में बढ़ोतरी का विरोध करता है, तो आयुक्त से मांग की जाएगी कि उसकी संपत्ति से ही बकाया राशि की वसूली की जाए।
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“यह तो ऐसा है जैसे बाड़ ही खेत को खा जाए”
नगर निगम प्रकाश व्यवस्था, जलापूर्ति और अन्य बुनियादी सेवाओं पर भारी खर्च कर रहा है। आय में कमी होने से इन सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है। कर्मचारियों का वेतन, पेंशन और अन्य देयक मुख्य रूप से जीएसटी अनुदान से दिए जाते हैं, जिससे वित्तीय दबाव और बढ़ रहा है।
नगर निगम ने 23 वर्ष बाद घर का किराया और पानी का किराया बढ़ाया है। यदि इन्हें फिर से कम करने का दबाव बनाया गया तो यूनियन ने अदालत जाने की चेतावनी दी है। फिलहाल कर्मचारियों के वेतन और टैक्स संरचना को लेकर विवाद आने वाले दिनों में और बढ़ने की संभावना है।
