BJP NCP Alliance:अहिल्यानगर नगर निगम चुनाव (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ahilyanagar Municipal Election: नगर निगम चुनाव प्रचार अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। मंगलवार को प्रचार का आखिरी दिन होने के कारण सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। BJP और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार गुट) का गठबंधन इंटरनेशनल रेसलर द ग्रेट खली की मौजूदगी में शहर में भव्य प्रचार करेगा।
चुनाव अभियान की शुरुआत से ही भाजपा-राष्ट्रवादी गठबंधन ने आक्रामक रणनीति अपनाकर बढ़त बना ली है। विपक्ष अंत तक इस बढ़त को तोड़ने में नाकाम रहा। गठबंधन ने मतदाताओं तक पहुंचने के लिए विभिन्न गतिविधियों, बैठकों और रैलियों के माध्यम से प्रचार को चरम पर पहुंचाया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सभा इस प्रचार अभियान का सबसे बड़ा आकर्षण रही। इसी माहौल को बनाए रखने के लिए अब द ग्रेट खली की मौजूदगी में प्रचार किया जाएगा।
इस बड़ी प्रचार रैली का नेतृत्व डॉ. सुजय विखे पाटिल और विधायक संग्राम जगताप करेंगे। दोनों नेताओं के नेतृत्व में BJP-NCP गठबंधन ने अनुशासित योजना और विकास एजेंडे को सामने रखते हुए चुनावी अभियान में निर्णायक बढ़त बनाई है। गठबंधन नेतृत्व का मानना है कि अंतिम चरण में नाराज वर्ग ने भी अपना रुख नरम किया है।
यह प्रचार रैली 13 जनवरी 2026 को सुबह 10 बजे मालीवाड़ा स्थित बड़े गणपति मंदिर से शुरू होकर दिल्ली गेट तक निकाली जाएगी। इसमें BJP और NCP गठबंधन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और उम्मीदवार बड़ी संख्या में शामिल होंगे। रैली शहर के मध्यवर्ती इलाके से होकर गुजरेगी।
मंगलवार शाम 5 बजे के बाद नगर निगम चुनाव प्रचार समाप्त हो जाएगा। ऐसे में मंगलवार और बुधवार की रात को राजनीतिक गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। उम्मीदवारों और उनके समर्थकों के बीच टकराव की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन और चुनाव मशीनरी को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और फ्लाइंग स्क्वॉड को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
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रिटर्निंग ऑफिसर यशवंत डांगे ने स्पष्ट किया है कि 13 जनवरी शाम 5:30 बजे तक सार्वजनिक प्रचार पूरी तरह बंद हो जाएगा। इसके बाद सभी उम्मीदवारों, उनके प्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों को अपने-अपने बैनर, झंडे और विज्ञापन हटाने होंगे।
निर्धारित समय के बाद यदि कोई प्रचार सामग्री पाई जाती है, तो आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के तहत संबंधित उम्मीदवार या पार्टी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। साथ ही बैनर और झंडे हटाने में आने वाला प्रशासनिक खर्च उम्मीदवार के चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा और उसकी वसूली भी की जाएगी।