लाडली बहन योजना से 17,967 महिलाएं बाहर, अहिल्यानगर में असंतोष; सरकार के फैसले पर नाराजगी
Women Welfare Scheme: अहिल्यानगर में लाडली बहन योजना से 17,967 महिलाओं को बाहर किए जाने से असंतोष बढ़ गया है। महिला कांग्रेस ने इसे अन्याय बताते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Government Scheme Controversy: अहिल्यानगर चुनाव से पहले, महायुति सरकार ने लडली बहन योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत, तहसील की लगभग 90 हजार महिलाओं के फॉर्म पूर्व राज्य राजस्व मंत्री लोकनेते बालासाहेब थोरात के यशोधान जनसंपर्क कार्यालय के माध्यम से भरे गए थे। जिसके बाद इन महिलाओं को इसका लाभ भी मिला था।
हालांकि, हाल ही में सरकार ने 17967 महिलाओं को इस योजना से बाहर कर दिया है। जिससे महिलाओं में भारी असंतोष है। ऐसी जानकारी महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती अर्चना बालोडे ने दी। लोकनेते बालासाहेब थोरात के मार्गदर्शन में संगमनेर तालुका एक विकसित तालुका के रूप में जाना जाता है। यशोधान कार्यालय के माध्यम से निरंतर निगरानी की जाती है ताकि लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके।
चुनाव के वादे से मुकर रही है सरकार
चुनाव से पहले सरकार ने ने महिलाओं को 2100 रुपए देने का वादा किया था, यह वादा भी पूरा नहीं हुआ और महिलाओं को मिलने वाली राशि भी कम कर कर दी गई है। कई महिलाएं लगातार धोखाधड़ी का शिकार हो रही है। केवाईसी कराने के बाद भी महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
मुआवजे के लिए किसानों का हल्लाबो, लाखांदूर तहसील के किसानों का उग्र प्रदर्शन
महाराष्ट्र में रिक्शा-टैक्सी चालकों के लिए मराठी अनिवार्य! क्या छिन जाएगी रोजी-रोटी? मंत्री सरनाईक ने दी सफाई
ऑनलाइन जुए की लत ने बनाया चोर, कर्ज उतारने के लिए चुना चोरी का रास्ता, रायगढ़ पुलिस ने किया गिरफ्तार
खाद बिक्री में अनियमितता पर कार्रवाई, 8 कृषि सेवा केंद्रों के लाइसेंस निलंबित, 4 को अंतिम चेतावनी
पोर्टल पर कई गरीब महिलाओं के नाम के आगे सरकारी नौकरी लिखा आ रहा है। जिसके कारण पात्र और गरीब महिलाएं इस योजना से वंचित रह रही है। सरकार ने ये घोषणाएं केवल चुनावों के लिए की हैं और अब कई महिलाओं को इससे बाहर रखा जा रहा है।
जिससे संगमनेर तहसील में काफी असंतोष पैदा हो गया है। सरकार ने चुनाव से पहले महिलाओं को 2100 रुपए देने का जो वादा किया था, वह तो पूरा नहीं किया, साथ ही हमें इस योजना से बाहर भी कर दिया है, वहीं दूसरी ओर, गरीब होने के बावजूद हमारे नाम के आगे रसरकारी नौकरीर लिख दी गई है। यह सब क्या चल रहा है, समझ नहीं आता, गरीबों को धोखा देने का एक तरीका है। ऐसा आरोप वडगांव पान की किसान मीना थोरात ने किया है।
चुनाव से पहले 2100 देने का किया था वादा
महायुति सरकार ने 2024 में लड़की बहन योजना की घोषणा की। यह सुनिश्चित करने के लिए कि तहसील की महिलाओं को इस योजना का लाभ मिले, यशोधान कार्यालय की व्यवस्था दिन-रात कार्यरत रही और तहसील की लगभग 90 हजार महिलाओं को इसका लाभ प्रदान किया गया।
यह भी पढ़ें:-स्टार्टअप इंडिया के 10 साल: मराठवाड़ा में उद्यमिता उत्सव का आगाज, संभाजीनगर में विशेष आयोजन
महिलाओं को दिसंबर 2025 तक इस योजना का लाभ मिलता रहा था। लेकिन अब सरकार ने विभिन्न कारणों का हवाला देते हुए तालुका में 17967 महिलाओं को इस योजना से बाहर कर दिया है।
