अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमाफी योजना की पहली सूची जारी, नासिक के 35,890 खाते शामिल, इतने लाख तक कर्जमाफी
Farmer Loan Waiver: पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना-2026 के तहत नासिक के 35,890 कर्ज खाते पहली सूची में शामिल। पात्र किसानों को 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी मिलेगी।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
किसानों का होगा कर्ज माफ (सोर्स: AI)
Farmer Loan Waiver First List: महाराष्ट्र सरकार की बहुप्रतीक्षित ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना-2026’ के तहत नासिक में किसानों को बड़ी राहत मिली है। सरकार ने आधार प्रमाणीकरण के लिए 16.96 लाख कर्ज खातों की पहली सूची जारी कर दी है, जिसमें अकेले नासिक जिले के 35,890 कर्ज खाते शामिल हैं।
इस घोषणा के बाद जिले के किसानों में उत्साह का माहौल है। योजना के तहत 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिए गए फसल ऋणों को शामिल किया गया है। ऐसे ऋण, जो 30 सितंबर 2025 तक बकाया रहे और 31 मार्च 2026 तक चुकाए नहीं गए, उन्हें कर्जमाफी के लिए पात्र माना जाएगा। पात्र किसानों का अधिकतम 2 लाख रुपये तक का कृषि ऋण माफ किया जाएगा।
जिन किसानों का बकाया 2 लाख रुपये से अधिक है, वे यदि अतिरिक्त राशि 31 मार्च 2027 तक जमा कर देते हैं, तो उन्हें भी योजना के तहत 2 लाख रुपये तक का लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन अनुदान भी मिलेगा।
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राज्य सरकार ने जारी पहली सूची
राज्य सरकार द्वारा जारी पहली सूची में जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों के 7.03 लाख तथा व्यावसायिक बैंकों के 9.93 लाख कर्ज खाते शामिल किए गए हैं। नासिक जिले में कुल 35,890 खातों में से 18,327 खाते सहकारी बैंकों के हैं, जबकि 17,563 खाते व्यावसायिक बैंकों से संबंधित हैं। सरकार ने गैर-निष्पादित खातों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बैंकों को ऐसे खातों पर ‘हेयरकट’ छूट देने के निर्देश दिए गए हैं।
1 अप्रैल 2026 के बाद इन खातों पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त ब्याज नहीं लगाने का आदेश जारी किया गया है। सरकार का उद्देश्य किसानों पर आर्थिक बोझ कम करना और उन्हें दोबारा कृषि गतिविधियों के लिए वित्तीय रूप से सक्षम बनाना है। इस योजना से हजारों किसानों को राहत मिलने के साथ-साथ बैंकिंग व्यवस्था भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी होने की उम्मीद है।
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राशि सीधे किसानों के बैंक खातों
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को जल्द से जल्द आधार प्रमाणीकरण पूरा करना होगा। आधार सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कर्जमाफी की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जाएगी। इससे संबंधित ऋण खाते नियमित हो जाएंगे और किसानों को भविष्य में नया फसल ऋण लेने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी।
जिला उपनिबंधक कुंदन भले ने किसानों से अपील की है कि वे सरकारी पोर्टल, अपनी संबंधित बैंक शाखा अथवा विकास संस्था में उपलब्ध सूची में अपना नाम और अन्य विवरण सावधानीपूर्वक जांच लें।
यदि उनका नाम सूची में शामिल है, तो वे बिना देरी किए आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी करें, ताकि उन्हें योजना का लाभ समय पर मिल सके। प्रशासन का कहना है कि समय पर सत्यापन कराने वाले किसानों को प्राथमिकता के आधार पर कर्जमाफी का लाभ प्रदान किया जाएगा।
