रेलवे की लापरवाही पड़ी बच्चों पर भारी, यवतमाल में पानी से भरे गड्ढे में 4 बच्चे डूबे
Yavatmal News: यवतमाल से दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। दारव्हा में रेलवे फ्लाईओवर निर्माण स्थल पर पानी से भरे गड्ढे में डूबकर चार बच्चों की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
यवतमाल में पानी से भरे गड्ढे में 4 बच्चे डूबे, फोटो- सोशल मीडिया
Maharashtra News: महाराष्ट्र में लगातार भारी बारिश के चलते हादसों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। हाल ही में यवतमाल जिले में रेलवे फ्लाईओवर निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में भरे पानी में चार बच्चों की डूबकर मौत हो गई।
महाराष्ट्र में बारिश का कहर जारी है। पुलिस के अनुसार, यह घटना बुधवार (20 अगस्त) को दारव्हा रेलवे स्टेशन के पास हुई। फ्लाईओवर निर्माण के लिए खंभे लगाने हेतु बड़ा गड्ढा खोदा गया था। लगातार बारिश के चलते वह गड्ढा पानी से भर गया। बच्चे वहीं खेल रहे थे और आशंका है कि खेलते-खेलते वे उसमें गिर गए या तैरने की कोशिश में असफल रहे।
मृत बच्चों की पहचान इस प्रकार हुई है:
सम्बंधित ख़बरें
मोहन भागवत से लेकर राहुल गांधी और अंबानी-अडानी तक, सुप्रिया सुले की बेटी की शादी में उमड़ा दिग्गजों का सैलाब
पेड़ भी बचेंगे प्रोजेक्ट भी बनेगा, MMRDA ने 13.9 Km लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए बदला डिजाइन
परभणी मंदिर हादसा: मलबे से निकलीं अपनों की लाशें, 5 मृतकों की हुई पहचान; मातम में बदली खुशियां
गणपतिपुले में समुद्र की लहरों में बहने वाले पांच श्रद्धालुओं का अब तक नहीं लगा सुराग, खोज अभियान जारी
- रिहान असलम खान
- गोलू पांडुरंग नारनवरे
- सौम्या सतीश खडसन
- वैभव आशीष बोथले
सभी की उम्र 10 से 14 साल के बीच बताई जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने भी निर्माण कंपनी की लापरवाही की पड़ताल करने का आदेश दिया है। अधिकारी ने बताया कि गड्ढे में बारिश का पानी जमा था और यह जांच की जा रही है कि बच्चे अनजाने में उस गड्ढे में गिर गए या फिर वे वहां तैरने के लिए गए थे।
नासिक और मराठवाड़ा में बारिश से बिगड़े हालात
यवतमाल के इस हादसे के साथ-साथ नासिक और आसपास के जिलों में भी लगातार बारिश आफत बनकर बरस रही है। गंगापुर बांध से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद गोदावरी नदी उफान पर है। रामकुंड और गोदाघाट क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। छोटे-छोटे मंदिर डूब गए हैं और प्रसिद्ध दुतोंद्या मारुति की मूर्ति भी आंशिक रूप से जलमग्न हो गई है। दरना नदी का जलस्तर भी खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है।
यह भी पढ़ें: बुर्का पहनने वाली आतंकवादी! स्वतंत्रता दिवस में हुए नाटक पर विवाद, शिक्षा विभाग ने मांगी रिपोर्ट
95% तक भरा जयकवाडी बांध
मराठवाड़ा क्षेत्र का सबसे बड़ा जल स्रोत जयकवाडी बांध भी अब लगभग 95% भर चुका है। सिंचाई विभाग ने संकेत दिया है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो जल्द ही इस बांध से भी पानी छोड़ा जा सकता है। हालांकि, इससे किसानों और पेयजल आपूर्ति को राहत मिलेगी। महाराष्ट्र में भारी बारिश के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने अभी कुछ और दिन तक भारी बारिश की संभावना जताई है।
