उज्जैन में 15 दिन से नहीं हुई बारिश, सूखने लगी सोयाबीन की फसल, कर्ज में डूबे किसानों की बढ़ी चिंता
Ujjain Farmer News: जिले में 15 दिन से बारिश नहीं होने से सोयाबीन की फसल सूखने लगी है। कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग ने 19-20 जुलाई से बारिश की संभावना जताई है।
- Reported By: अजय नीमा | Edited By: प्रीतेश जैन
बारिश नहीं होने से परेशान किसान (फोटो सोर्स- नवभारत)
Ujjain Rain Crisis : मानसून की शुरुआती अच्छी बारिश के बाद अब उज्जैन जिले में मौसम की बेरुखी किसानों के लिए चिंता का कारण बन गई है। पिछले करीब 15 दिनों से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण खेतों में खड़ी सोयाबीन की फसल पर संकट मंडराने लगा है। खेतों की नमी कम होने से कई क्षेत्रों में फसल पीली पड़ने लगी है और पौधों के मुरझाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। किसान अब आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं और अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि उन्होंने इस बार सोयाबीन की बुवाई के लिए कर्ज लेकर बीज, खाद और दवाइयों की व्यवस्था की थी। फसल को तैयार करने में हजारों रुपये खर्च किए गए, लेकिन बारिश नहीं होने से अब मेहनत और लागत दोनों पर संकट खड़ा हो गया है। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो सोयाबीन की पैदावार प्रभावित हो सकती है, जिससे आर्थिक परेशानी बढ़ जाएगी।
किसानों की बढ़ी चिंता
ग्रामीण किसानों के मुताबिक खेती ही उनकी आय का मुख्य साधन है। इसी फसल से परिवार का खर्च, कर्ज की भरपाई और अगली फसल की तैयारी होती है। ऐसे में लंबे समय तक बारिश नहीं होने से भविष्य को लेकर चिंता बढ़ रही है।
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अच्छी बारिश के लिए भगवान की शरण में पहुंचे किसान
बारिश नहीं होने से कई किसान अब धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर अच्छी वर्षा की प्रार्थना कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि समय पर बारिश ही उनकी फसल और आर्थिक स्थिति को संभाल सकती है। खेतों में नमी बनाए रखने के लिए किसान अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन बारिश के बिना फसल को बचाना मुश्किल हो रहा है।
19-20 जुलाई से बारिश की संभावना
शासकीय जीवाजी वेधशाला उज्जैन के अधीक्षक राजेंद्र प्रसाद गुप्त ने बताया कि इस वर्ष मानसून की शुरुआत अच्छी रही है। जून और जुलाई में अब तक जिले में 426.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि पिछले 7 से 10 दिनों में बारिश की गतिविधियां कमजोर हुई हैं। उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है, जिसके प्रभाव से 19 और 20 जुलाई के आसपास उज्जैन सहित पश्चिम मध्य प्रदेश में बारिश होने की संभावना है। इससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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अगस्त-सितंबर में मानसून पर नजर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस साल देश में सामान्य बारिश का अनुमान लगाया गया है। फिलहाल अल नीनो की स्थिति सामान्य है, लेकिन आने वाले महीनों में इसके प्रभाव को लेकर निगरानी की जा रही है। यदि अगस्त में मौसम की परिस्थितियां बदलती हैं तो मानसून की गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। फिलहाल उज्जैन जिले के किसान अपनी सोयाबीन की फसल को बचाने के लिए बारिश का इंतजार कर रहे हैं। किसानों की निगाहें अब 19 और 20 जुलाई के संभावित बारिश सिस्टम पर टिकी हुई हैं।
