MP में हिंदू संत ने दरगाह पर चादर चढ़ाने की इजाजत लेकर किया हनुमान चालीसा का पाठ: VIDEO वायरल

MP के उज्जैन से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने धार्मिक गलियारों में हलचल मचा दी है। दरगाह में चादर चढ़ाने की अनुमति लेकर पहुंचे एक हिंदू संत ने हनुमान चालीसा का पाठ कर दिया।
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हिंदू संत ने दरगाह पर चादर चढ़ाने की अनुमति ली, कर दिया हनुमान चालीसा का पाठ (फोटो- सोशल मीडिया)
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Ujjain Dargah Controversy: मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने धार्मिक गलियारों में हलचल मचा दी है। यहां शिप्रा नदी के किनारे स्थित एक दरगाह में चादर चढ़ाने की अनुमति लेकर पहुंचे एक हिंदू संत ने वहां हनुमान चालीसा का पाठ कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। दरगाह कमेटी ने इसे विश्वासघात बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है, जिससे माहौल गर्माया हुआ है। यह पूरा वाकया आस्था और विवाद के बीच उलझ गया है।

दरगाह कमेटी और मुस्लिम समाज के लोगों ने इस घटना को अपनी धार्मिक भावनाओं का अनादर बताया है। उनका कहना है कि संत ने उनसे केवल चादर पेश करने और कव्वाली गाने की बात कही थी, लेकिन वहां हनुमान चालीसा पढ़कर उन्होंने भरोसे को तोड़ा है। कमेटी के उपाध्यक्ष इरफान अहमद ने साफ किया कि उन्होंने सर्वधर्म समभाव की भावना से इजाजत दी थी। हालांकि, कमेटी ने अभी तक इस मामले में कोई पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन वे इस हरकत से बेहद नाराज हैं।

धोखे का लगा आरोप

यह पूरा मामला शहर की मौलाना मौज दरगाह का है। हनुमान चालीसा का पाठ करने वाले संत की पहचान बाबा बमबम भोले के रूप में हुई है। मीडिया से बातचीत में दरगाह कमेटी के उपाध्यक्ष इरफान अहमद ने बताया कि बाबा ने हनुमान अष्टमी के मौके पर चादर चढ़ाने की इजाजत मांगी थी। अहमद के मुताबिक, इजाजत के तहत बाबा और उनके साथियों ने चादर चढ़ाई, जिसके बाद कमेटी के लोग वहां से चले गए। उनके जाने के बाद ही संत ने वहां हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया, जो कि शर्तों के खिलाफ था। अहमद ने कहा कि सभी धर्मों के लोगों की आस्था दरगाह पर है, इसलिए उन्होंने मना नहीं किया था, लेकिन बाद में जो हुआ वह गलत था।

शिष्य ने स्वीकारी बात

दूसरी ओर, बाबा बमबम भोले के एक शिष्य ने भी इस बात को स्वीकार किया है। शिष्य ने माना कि कमेटी से बात सिर्फ चादर चढ़ाने की हुई थी और हनुमान चालीसा को लेकर कोई चर्चा नहीं थी। उन्होंने बताया कि चादर चढ़ाने की रस्म पूरी होने के बाद बाबा ने कव्वाली की जगह हनुमान चालीसा पढ़ना शुरू कर दिया। फिलहाल यह वीडियो इंटरनेट पर खूब चर्चा में है और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। विवाद के बावजूद मामला अभी तक थाने नहीं पहुंचा है, लेकिन दोनों पक्षों के बयानों ने शहर में चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है।

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