सीहोर में वेतन न मिलने से आशा कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा, कलेक्टोरेट के सामने चक्का जाम; पुराना बस स्टैंड ठप
ASHA Workers Chakka Jam: सीहोर में फूटा आशा कार्यकर्ताओं का गुस्सा, कलेक्टॉरेट के सामने सड़क पर किया चक्का जाम, भोपाल-इंदौर पुराना मार्ग ठप, नियमित मानदेय की उठाई मांग।
- Reported By: विजेंद्र सिंह राणा | Edited By: सजल रघुवंशी
आशा कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा (सोर्स- सोशल मीडिया)
ASHA Workers Protest In Sehore: अपनी विभिन्न लंबित मांगों और समस्याओं के निराकरण न होने से नाराज सीहोर की आशा कार्यकर्ताओं का आक्रोश सोमवार को सड़कों पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लामबंद होकर पहुंचीं आशा कार्यकर्ताओं ने भोपाल-इंदौर पुराने मार्ग पर कलेक्टोरेट के सामने जोरदार प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम कर दिया।
इस अचानक किए गए चक्का जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे पुराना बस स्टैंड रोड पूरी तरह ठप हो गया और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
24 घंटे काम, फिर भी वेतन का अता-पता नहीं
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं आशा कार्यकर्ता रानी राठौर ने प्रशासन और शासन की व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी आवाज मुखर की। उन्होंने कहा कि हमारा मानदेय अभी तक नहीं आया है, जिससे हम सभी कार्यकर्ता आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और बेहद परेशान हैं। हमसे दिन-रात 24-24 घंटे काम लिया जा रहा है, लेकिन शासन स्तर पर हमारी कोई सुध लेने वाला नहीं है। हमें अपने भविष्य की चिंता सता रही है कि आखिर कब हमारी इन बुनियादी समस्याओं का स्थाई समाधान किया जाएगा।”
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अस्पताल के बाहर भी गूंजी नारेबाजी, पुलिस बल रहा तैनात
प्रदर्शन के दौरान कलेक्टोरेट मार्ग के साथ-साथ ‘वेदांता हार्ट केयर हॉस्पिटल’ के सामने का नजारा भी पूरी तरह बदला नजर आया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सैकड़ों की तादाद में बैंगनी रंग की साड़ी पहने आशा कार्यकर्ताओं ने कतारबद्ध होकर अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस अधिकारी प्रदर्शनकारी महिलाओं को समझाने-बुझाने और बंद पड़े यातायात को सुचारू कराने का लगातार प्रयास करते रहे, लेकिन कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अड़ी रहीं।
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मांगें पूरी होने तक आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने दो टूक शब्दों में जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि जब तक उनकी जायज मांगों को पूरा नहीं किया जाता और समय पर नियमित मानदेय की गारंटी नहीं मिलती, उनका यह विरोध प्रदर्शन थमेगा नहीं। आने वाले दिनों में वे अपने इस आंदोलन को और उग्र करते हुए अलग-अलग रूपों में प्रदर्शन जारी रखेंगी।
