दतिया उपचुनाव: भाजपा से नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी मजबूत, कांग्रेस शोभा भारती पर खेल सकती है सहानुभूति कार्ड

Datia Political News : दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 में भाजपा से नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है, जबकि कांग्रेस शोभा भारती पर सहानुभूति कार्ड खेल सकती है।
Datia By Election 2026
बीजेपी और कांग्रेस (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Datia By Election 2026: दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम घोषित किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। दोनों दल इस सीट को प्रतिष्ठा की लड़ाई मानते हुए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं। ऐसे में दतिया का उपचुनाव प्रदेश की राजनीति का सबसे चर्चित मुकाबला बनने जा रहा है।

निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 30 जुलाई 2026 को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त 2026 को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव की घोषणा के साथ ही दतिया में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और दोनों प्रमुख दलों के नेता लगातार संगठनात्मक बैठकों में जुटे हैं।

नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी सबसे मजबूत

भाजपा की ओर से पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उनका नाम लगभग तय माना जा रहा है। नरोत्तम मिश्रा लंबे समय तक दतिया की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे हैं और क्षेत्र में उनका मजबूत जनाधार माना जाता है। भाजपा नेतृत्व भी इस सीट पर किसी तरह का जोखिम लेने के बजाय अनुभवी चेहरे पर भरोसा जताने के पक्ष में दिखाई दे रहा है। हालांकि उम्मीदवार की औपचारिक घोषणा पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा की जाएगी।

शोभा भारती को उतार सकती है कांग्रेस

वहीं कांग्रेस भी इस उपचुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय है। पार्टी ने संभावित उम्मीदवारों का पैनल अंतिम निर्णय के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) को भेज दिया है। इस पैनल में पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की पत्नी शोभा भारती का नाम सबसे ऊपर बताया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कांग्रेस शोभा भारती को उम्मीदवार बनाती है तो वह चुनाव में सहानुभूति का मुद्दा प्रमुखता से उठा सकती है।

कांग्रेस में इनके नाम भी आगे

कांग्रेस के पैनल में पूर्व विधायक घनश्याम सिंह और वरिष्ठ नेता अवधेश नायक के नाम भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस सूची पर अपनी सहमति दे दी है और अब अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान को करना है।

दोनों पार्टियों के बीच दिलचस्प फाइट

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह दतिया उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि प्रदेश की राजनीति में दोनों दलों की ताकत और संगठनात्मक क्षमता की परीक्षा भी होगा। भाजपा जहां अपने मजबूत संगठन और अनुभवी नेतृत्व के दम पर चुनाव जीतने का दावा कर रही है, वहीं कांग्रेस स्थानीय समीकरणों और सहानुभूति के मुद्दे के सहारे मुकाबले को रोचक बनाने की कोशिश में है।

देखना होगा किसको मिलता है टिकट?

दतिया में आगामी दिनों में दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं की सभाएं, जनसंपर्क अभियान और चुनावी रणनीतियां तेज होने की संभावना है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि भाजपा नरोत्तम मिश्रा पर अंतिम मुहर लगाती है या नहीं, और कांग्रेस किस चेहरे को मैदान में उतारती है।

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