सागर: देवरी नगर पालिका अध्यक्ष नेहा जैन को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, रिट अपील खारिज
Neha Jain Case Sagar: देवरी नपा अध्यक्ष नेहा जैन को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, खंडपीठ ने निष्कासन के खिलाफ दायर अपील को किया खारिज, दोबारा निर्वाचन के बाद पूर्व कार्रवाई प्रभावहीन।
- Reported By: सरजू पटेल | Edited By: सजल रघुवंशी
नेहा जैन को हाईकोर्ट से बड़ी राहत (सोर्स- सोशल मीडिया)
Neha Jain Get Relief From High Court: सागर जिले की देवरी नगर पालिका अध्यक्ष नेहा जैन को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। जबलपुर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने उनके खिलाफ दायर रिट अपील को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही एकल पीठ द्वारा दिया गया राहत का आदेश बरकरार रखा गया है।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर की खंडपीठ ने 10 जुलाई 2026 को यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। माननीय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और माननीय न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की पीठ ने नगर पालिका परिषद देवरी की अध्यक्ष नेहा जैन के पक्ष में निर्णय देते हुए उनके खिलाफ दायर रिट अपील को निरस्त कर दिया।
हाईकोर्ट ने 2025 के निष्कासन आदेश को किया निरस्त
यह मामला मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 41-ए के तहत नेहा जैन को अध्यक्ष पद से हटाए जाने से जुड़ा था। इससे पहले हाईकोर्ट की एकल पीठ ने राज्य शासन के 25 अगस्त 2025 के निष्कासन आदेश को निरस्त करते हुए नेहा जैन को राहत दी थी। इसी आदेश को चुनौती देते हुए श्रीमती सरिता जैन ने रिट अपील दायर की थी। खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि अपीलकर्ता इस मामले में हस्तक्षेप करने का कानूनी अधिकार, यानी लोकस स्टैंडी, सिद्ध नहीं कर सकीं।
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इस वजह से न्यायालय ने खारिज की रिट अपील
न्यायालय ने यह भी माना कि राज्य शासन का निष्कासन आदेश पहले ही एकल पीठ द्वारा रद्द किया जा चुका है और उसमें हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं बनता। इसी वजह से रिट अपील को खारिज कर दिया गया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने यह भी उल्लेख किया कि बाद में हुए चुनाव में नेहा जैन 7,282 मत प्राप्त कर दोबारा नगर पालिका अध्यक्ष निर्वाचित हो चुकी हैं। ऐसे में उनके विरुद्ध की गई पूर्व निष्कासन कार्रवाई अब प्रभावहीन हो चुकी है।
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सुनवाई के दौरान नेहा जैन के खिलाफ 24 जून 2026 को दर्ज एक एफआईआर का भी उल्लेख किया गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह एफआईआर इस रिट अपील का विषय नहीं है और उसकी जांच एवं कार्रवाई कानून के अनुसार अलग से होगी। इस फैसले के बाद नेहा जैन को एक और बड़ी कानूनी राहत मिल गई है, जबकि हाईकोर्ट ने पहले दिए गए राहत के आदेश को पूरी तरह बरकरार रखा है।
