

Sirmour Dabhaura Road Delay : रीवा के सिरमौर से डभौरा सड़क निर्माण में हो रही देरी और क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर भाजपा विधायक दिव्यराज सिंह ने जवा जनपद कार्यालय में धरना दिया। सड़क निर्माण में लेटलतीफी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी समेत क्षेत्र की कई समस्याओं को लेकर विधायक ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला। करीब 12 घंटे तक चले धरने के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी अपनी समस्याओं को लेकर मौके पर मौजूद रहे।
विधायक दिव्यराज सिंह ने सिरमौर-डभौरा सड़क के निर्माण में लगातार हो रही देरी पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि सड़क निर्माण में देरी के कारण क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खराब सड़क और निर्माण कार्य की धीमी गति का असर आम लोगों के आवागमन पर पड़ रहा है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को भी विधायक ने प्रशासन के सामने प्रमुखता से उठाया।
धरने के दौरान विधायक ने क्षेत्र में पदस्थ अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर भी सवाल खड़े किए। खास तौर पर सिरमौर SDM और जनपद CEO को हटाने की मांग प्रमुख रही। विधायक का आरोप था कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान और लोगों की शिकायतों के निराकरण में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने मांगों पर ठोस निर्णय होने तक धरना जारी रखने का रुख अपनाया।
करीब 12 घंटे तक चले धरने के बाद देर रात कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने विधायक दिव्यराज सिंह से चर्चा की। प्रशासन की ओर से विधायक की मांगों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। चर्चा के दौरान सिरमौर SDM और जनपद CEO को बदले जाने को लेकर सहमति बनी। इसके अलावा सिरमौर-डभौरा सड़क निर्माण में तेजी लाने और देरी के कारणों पर कार्रवाई का भरोसा भी प्रशासन की ओर से दिया गया।
प्रशासन से मिले आश्वासन के बाद रात करीब 12 बजे विधायक दिव्यराज सिंह ने अपना अनशन समाप्त किया। धरने का सबसे बड़ा नतीजा सिरमौर SDM और जनपद CEO के बदलाव के रूप में सामने आया है। विधायक की मांगों पर प्रशासन द्वारा सकारात्मक रुख अपनाए जाने के बाद धरना समाप्त किया गया। अब अधिकारियों के बदलाव और सड़क निर्माण को लेकर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है।
विधायक के धरने के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती सड़क निर्माण में तेजी लाने और अधिकारियों के बदलाव की प्रक्रिया को पूरा करने की है। क्षेत्र के लोगों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि धरने के दौरान किए गए आश्वासन कितनी जल्दी अमल में आते हैं। सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के समाधान को लेकर आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।