रीवा : बरगद के नीचे सजी कलेक्टर नरेंद्र कुमार की रात्रि चौपाल, बिजली गुल होने पर अधिकारियों को लगाई फटकार

Rewa News: रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने सीमावर्ती कूड़ी गांव में बरगद के नीचे रात्रि चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। बिजली बार-बार गुल होने पर अधिकारियों को फटकार भी लगाई।
Rewa Collector Night Chaupal
ग्रामीणों की समस्या सुनते कलेक्टर (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Rewa Collector Night Chaupal: रीवा जिले के उत्तर प्रदेश सीमा से लगे दूरस्थ ग्राम पंचायत कूड़ी में गुरुवार रात एक अलग ही प्रशासनिक पहल देखने को मिली। रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी जिला मुख्यालय से विभागीय अधिकारियों के साथ नॉन-एसी बस से गांव पहुंचे और बरगद के पेड़ के नीचे रात्रि चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।

चौपाल के दौरान बिजली, सड़क, राजस्व, राशन, पेंशन, शिक्षा और पेयजल सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। दिलचस्प बात यह रही कि जिस बिजली व्यवस्था की शिकायत ग्रामीण कर रहे थे, उसी दौरान कई बार बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। इस पर कलेक्टर ने मौके पर ही बिजली विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए जल्द सुधार के निर्देश दिए।

ग्रामीणों से सीधा संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप आयोजित इस रात्रि चौपाल में कलेक्टर ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सीमांकन, राजस्व विवाद, राशन वितरण, सड़क, पेयजल, शिक्षा और पेंशन से जुड़ी समस्याएं रखीं।

समस्याओं को निराकरण के निर्देश

कलेक्टर ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को तय समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव की क्षतिग्रस्त बिजली केबल बदलने, शिविर लगाकर नए बिजली मीटर लगाने, झुके हुए बिजली खंभों और लटकते तारों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा स्कूल भवन की मरम्मत और लंबित राजस्व मामलों के शीघ्र निराकरण के आदेश दिए गए।

आजादी के बाद पहली बार कोई कलेक्टर कूड़ी गांव पहुंचा

रात्रि चौपाल के दौरान प्रशासन की ओर से 20 ग्रामीणों को जाति प्रमाण-पत्र वितरित किए गए, जबकि चार पात्र हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए। ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के बाद पहली बार कोई जिला कलेक्टर उनके गांव पहुंचा और उनकी समस्याएं सीधे सुनीं। इससे गांव के लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है और समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है।

बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश

हालांकि कार्यक्रम के दौरान कई बार बिजली गुल होने से ग्रामीणों की शिकायतें वास्तविक रूप में सामने आ गईं। कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लेते हुए विद्युत विभाग के अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने और गांव की बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

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