‘हादसा नहीं हत्या है बच्चों की मौत’, इंदौर में चूहों के काटने से नवजात की मौत के बाद भड़के राहुल गां
Indore के महाराजा यशवंतराव (एमवाय) अस्पताल में दो नवजात शिशुओं की मौत एनआईसीयू में चूहों के काटने से हुई थी। अब राहुल गांधी ने इस मामले में सरकार को घेरा है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
राहुल गांधी, फोटो- सोशल मीडिया
Infant deaths in Madhya Pradesh: इंदौर के एमवाय अस्पताल ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब यह आरोप सामने आया कि इन बच्चों की मौत अस्पताल के एनआईसीयू में चूहों के काटने से हुई। सोशल मीडिया पर अस्पताल के कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें चूहे घूमते हुए देखे जा सकते हैं। इस घटना को लेकर राजनीति भी गरमा गई है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस घटना की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि सरकार की लापरवाही से हुई “हत्या” करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद भयावह, अमानवीय और असंवेदनशील है। उनका कहना है कि एक मां की गोद से उसका बच्चा इसलिए छिन गया क्योंकि सरकार अपनी सबसे मूल जिम्मेदारी तक निभाने में नाकाम रही।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर खड़े किए सवाल
राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर स्वास्थ्य क्षेत्र को निजी हाथों में सौंप रही है जिससे अब सरकारी अस्पताल गरीबों के लिए जीवनदायिनी नहीं, बल्कि मौत की जगह बनते जा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि जब सरकार नवजात बच्चों की सुरक्षा तक सुनिश्चित नहीं कर सकती तो उसे शासन करने का अधिकार किसने दिया?
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पीएम और सीएम दोनों को शर्मिंदा होना चाहिए: राहुल गांधी
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि दोनों नेताओं को शर्मिंदा होना चाहिए। राहुल गांधी का कहना है कि सरकार ने न सिर्फ स्वास्थ्य का अधिकार छीना है, बल्कि अब मां की गोद से बच्चे भी छीनने लगी है। उन्होंने यह भी कहा कि यह आवाज उन सभी माता-पिताओं की ओर से उठ रही है, जो सरकारी लापरवाही के शिकार हो रहे हैं।
चूहों के काटने से मौत का दावा प्रशासन ने किया खारिज
हालांकि प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज किया है। जिला कलेक्टर आशीष सिंह और अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने दावा किया है कि बच्चों की मौत चूहों के काटने से नहीं हुई है। उनके अनुसार, बच्चों की मृत्यु का कारण अन्य चिकित्सीय समस्याएं थीं। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा और सरकारी अस्पतालों की हालत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है और इस मुद्दे को लेकर देशभर में बहस छिड़ गई है। मामले की सच्चाई क्या है, यह तो जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।
