मध्यप्रदेश का अमरनाथ, दुर्गम पहाड़ियों और पथरीले रास्तों से होकर शुरू होगी नागद्वारी यात्रा, प्रशासन ने कसी कम
Madhya Pradesh Amarnath Nagdwari: कलेक्टर-एसपी ने खुद की पैदल ट्रैकिंग, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए लिया व्यवस्थाओं का जायजा, देश भर आते है लाखो श्रद्धालु
- Written By: सुधीर दंडोतिया
नर्मदापुरम की प्रसिद्ध नागद्वारी यात्रा और नागपंचमी मेले की तैयारियां अब अंतिम चरण में
Nagdwari Yatra 2026: मध्यप्रदेश के ‘अमरनाथ’ के रूप में प्रसिद्द नर्मदापुरम की प्रसिद्ध नागद्वारी यात्रा और नागपंचमी मेले की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। यह यात्रा अपनी दुर्गम भौगोलिक स्थिति और गहरी आस्था के लिए जानी जाती है। इस वर्ष यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुगम बनाने के उद्देश्य से प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।
अगस्त में शुरू होगी यात्रा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नागद्वारी यात्रा इस वर्ष 7 और 8 अगस्त से शुरू होकर नागपंचमी पर्व तक चलेगी। सतपुड़ा की ऊंची और कठिन पहाड़ियों में स्थित नागद्वारी गुफा तक पहुंचने के लिए प्रतिवर्ष मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
अधिकारियों ने खुद नापी कठिन राहें
मेले की तैयारियों को परखने के लिए नर्मदापुरम कलेक्टर सोमेश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा एस. थोटा ने स्वयं कमान संभाली। उन्होंने अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ नागद्वारी मार्ग पर लंबी पैदल ट्रैकिंग की।
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निरीक्षण के दौरान इन स्थलों पर रही नजर
अधिकारियों की टीम ने जलगली, नागफनी, कालाझाड़, चिंतामन, चित्रशाला, स्वर्गद्वार, पश्चिमद्वार, नागद्वारी मंदिर और काजरी जैसे महत्वपूर्ण पड़ावों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने:
श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए रास्तों की स्थिति का जायजा लिया।
यात्रा मार्ग पर मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की।
कठिन पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों पर चर्चा की।
श्रद्धालुओं के लिए चुनौती और आस्था का संगम
नागद्वारी यात्रा को ‘मध्यप्रदेश का अमरनाथ‘ इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां का रास्ता बेहद चुनौतीपूर्ण है। श्रद्धालु अपनी जान जोखिम में डालकर दुर्गम पहाड़ियों और पथरीले रास्तों को पार करते हुए भगवान नाग देवता के दर्शन करने पहुंचते हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस वर्ष आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए पुख्ता सुरक्षा घेरा बनाना है।
