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विकसित भारत @2047 का रोडमैप: MP में UIMR बनेगा विकास का नया केंद्र, 16000 वर्ग किमी से होगी नए युग की शुरुआत

MP Mega Development Plan 2047 : MP में UIMR के तहत इंदौर-उज्जैन सहित 6 जिलों के 16,000 वर्ग किमी क्षेत्र में मेगा विकास योजना लागू की गई है। इसके तहत 5 लाख रोजगार और आधुनिक औद्योगिक कॉरिडोर बनेंगे।

  • Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
Updated On: Jun 20, 2026 | 02:27 PM

मुख्यमंत्री मोहन यादव (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

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UIMR Madhya Pradesh Development Plan: मुख्यमंत्री मोहन यादव के विजन के तहत मध्य प्रदेश में अर्बन एवं इंडस्ट्रियल मेट्रोपॉलिटन रीजन (UIMR) को राज्य के विकास का नया इंजन बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इस योजना का उद्देश्य इंदौर जैसे बड़े शहर के विकास को आसपास के छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तार देना है। इसी रणनीति के तहत UIMR का दायरा बढ़ाकर अब 16,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक कर दिया गया है।

इस रीजन में इंदौर के साथ उज्जैन, देवास, धार, रतलाम और शाजापुर जिलों की 38 तहसीलें और 2,781 गांव शामिल किए गए हैं। लगभग सवा करोड़ आबादी वाले इस क्षेत्र को एकीकृत विकास मॉडल के तहत तेजी से औद्योगिक और शहरी विकास से जोड़ा जाएगा। यह पूरी योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ विजन के अनुरूप बताई जा रही है।

5 लाख रोजगार और औद्योगिक विस्तार का लक्ष्य

UIMR के तहत मालवा क्षेत्र को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके लिए 13,500 हेक्टेयर से अधिक का औद्योगिक लैंड बैंक और 14 नए औद्योगिक पार्क प्रस्तावित किए गए हैं। इस औद्योगिक विस्तार से लगभग 5 लाख नए रोजगार अवसर सृजित होने का अनुमान है। पीथमपुर को इलेक्ट्रिक व्हीकल और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जबकि उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी को एक प्रमुख एंकर सिटी के रूप में तैयार किया जाएगा। वहीं रतलाम को लॉजिस्टिक्स और ट्रेड नोड बनाकर निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।

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60 मिनट कनेक्टिविटी मॉडल पर काम

इस पूरे रीजन की सबसे बड़ी विशेषता 60 मिनट कनेक्टिविटी मॉडल है। इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और इंदौर-भोपाल एक्सप्रेसवे जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स के जरिए पूरे क्षेत्र को मजबूत सड़क और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही उज्जैन-इंदौर मेट्रो विस्तार योजना पर भी काम चल रहा है, जिससे इस क्षेत्र में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को आधुनिक बनाया जाएगा। योजना का उद्देश्य यह है कि क्षेत्र के किसी भी प्रमुख आर्थिक केंद्र तक एक घंटे के भीतर पहुंच संभव हो सके।

लैंड पूलिंग मॉडल में किसानों की भागीदारी

इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के तहत लैंड पूलिंग मॉडल लागू किया गया है, जिसमें किसानों को उनकी जमीन का विकसित हिस्सा वापस दिया जाएगा। यह मॉडल किसानों को केवल भूमि देने वाले नहीं बल्कि विकास के सीधे लाभार्थी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस मॉडल के तहत देवास, धार, मक्सी और शाजापुर जैसे शहरों को भी ग्रोथ नोड के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि बड़े शहरों पर दबाव कम हो सके और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सके।

पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास

UIMR योजना में ‘ब्लू-ग्रीन डेवलपमेंट पॉलिसी’ को भी शामिल किया गया है, जिसके तहत जल स्रोतों और वन क्षेत्रों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नर्मदा सहित अन्य नदियों के किनारे निर्माण गतिविधियों पर नियंत्रण रहेगा और औद्योगिक क्षेत्रों में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिस्टम लागू करने की योजना है। भविष्य में बनने वाले औद्योगिक क्लस्टर सौर और पवन ऊर्जा जैसे अक्षय स्रोतों पर आधारित होंगे, जिससे उन्हें कार्बन न्यूट्रल बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

ये भी पढ़ें : NEET UG 2026: भोपाल में परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, छात्रों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी और हेल्पलाइन नंबर जारी

धार्मिक पर्यटन और जीडीपी लक्ष्य

मालवा क्षेत्र में उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू और महेश्वर को एक बड़े धार्मिक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2047 तक पर्यटन क्षेत्र का राज्य की जीडीपी में योगदान 10 प्रतिशत तक पहुंचे। ‘मध्य प्रदेश महानगरीय क्षेत्र विकास अधिनियम 2025’ के तहत अब शहरी नियोजन को डेटा और जियोस्पेशियल तकनीक के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। एक शक्तिशाली मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी गठित की जाएगी, जो पूरे क्षेत्र के विकास की योजना और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालेगी।

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Published On: Jun 20, 2026 | 02:27 PM

Topics:  

  • Bhopal News
  • Madhya Pradesh News
  • Mohan Yadav

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