मोहन सरकार का पहला पेपरलेस बजट; युवाओं को 50,000 नौकरियां और किसानों को बड़ी सौगात! जानिए क्या है खास
MP Budget 2026: मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा आज राज्य का पहला डिजिटल और 3 साल का 'रोलिंग बजट' पेश करेंगे। इसमें रोजगार, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र के लिए रिकॉर्ड निवेश का रोडमैप शामिल है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
मोहन सरकार का पहला पेपरलेस बजट, फोटो- सोशल मीडिया
Madhya Pradesh Paperless Budget: मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार आज विधानसभा में अपना तीसरा और राज्य के इतिहास का पहला पूरी तरह ‘पेपरलेस’ बजट पेश करने जा रही है। 18 फरवरी को पेश होने वाला यह बजट 4.65 लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है, जिसमें अगले तीन सालों के विकास का ब्लूप्रिंट और ‘विकसित एमपी 2047’ का लक्ष्य समाहित है।
मध्यप्रदेश सरकार ने इस बार तकनीकी आधुनिकता की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बजट को पूरी तरह डिजिटल और ‘पेपरलेस’ रखने का निर्णय लिया है। विधानसभा के पटल पर अब मोटी किताबों की जगह सिर्फ वित्त मंत्री का भाषण और बजट हैंडआउट दिखाई देगा। इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘थ्री-ईयर रोलिंग’ स्वरूप है, जिसमें केवल साल 2026-27 ही नहीं, बल्कि 2027-28 और 2028-29 की योजनाओं को भी शामिल किया गया है। इसे आगामी पंचायत और निकाय चुनावों के मद्देनजर सरकार के एक रणनीतिक रोडमैप के रूप में देखा जा रहा है।
युवाओं के लिए बंपर नौकरियां और रोजगार
बजट में युवाओं के लिए सबसे बड़ी घोषणा सरकारी भर्तियों को लेकर होने की उम्मीद है। मोहन सरकार ने बेरोजगारी के मोर्चे पर राहत देते हुए 50,000 नई सरकारी नौकरियों की तैयारी कर ली है। इसके अलावा, युवाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं का ऐलान भी संभावित है, जिससे प्रदेश के युवा कार्यबल को आर्थिक मजबूती मिल सके।
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अन्नदाताओं के लिए सिंचाई और भावांतर का सहारा
किसानों के लिए सरकार अपने खजाने का बड़ा हिस्सा खोलने जा रही है। कृषि और उससे जुड़े विभागों के लिए लगभग 20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान रहने की संभावना है। इसमें नई सिंचाई परियोजनाओं के साथ-साथ नकदी फसलों के लिए ‘भावांतर योजना’ को फिर से सशक्त बनाने का प्रस्ताव है। साथ ही, जैविक खेती पर विशेष फोकस रहेगा और किसानों के लिए नई कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार किया जाएगा।
कुपोषण मुक्त एमपी: 1.40 करोड़ बच्चों को मिलेगा दूध
सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार ने बच्चों के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। कुपोषण के खिलाफ जंग को तेज करते हुए मिड-डे मील और आंगनवाड़ियों के माध्यम से लगभग 1.40 करोड़ बच्चों को टेट्रा पैक में दूध वितरित किया जाएगा। यह दूध अत्याधुनिक UHT (अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर) तकनीक से सुरक्षित होगा, जिससे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार होगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर
स्वास्थ्य सेवाओं को वैश्विक स्तर का बनाने के लिए ‘सीएम केयर’ योजना के तहत अगले 5 वर्षों में 2,000 करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान है। इसके अंतर्गत सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार, स्टेट कार्डियक सेंटर और मेडिकल कॉलेजों में कैंसर व हार्ट केयर सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। पर्यटन की दृष्टि से सरकार उज्जैन से लेकर खजुराहो तक 12 प्रमुख स्थलों को ‘वेलनेस और आस्था टूरिज्म हब’ के रूप में विकसित करेगी, जिससे विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके और स्थानीय रोजगार बढ़े।
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शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और मेट्रो प्रोजेक्ट का हाल
अगले साल होने वाले स्थानीय चुनावों को देखते हुए शहरी विकास के लिए 5,000 करोड़ रुपये तक के आवंटन की उम्मीद है। वहीं, भोपाल मेट्रो परियोजना की रफ्तार बढ़ाने के लिए ‘ऑरेंज और ब्लू लाइन’ के काम को फिर से बड़ा वित्तीय प्रोत्साहन मिल सकता है।
