खंडवा: 36 साल तक पुलिस को देता रहा चकमा, बुढ़ापे में चढ़ा कानून के हत्थे…चोरी का हिसाब अब देगा 65 वर्षीय आरोपी
Khandwa Police Arrested Theft: खंडवा में 36 साल बाद कानून के शिकंजे में आया चोरी का आरोपी, पहचान बदलकर बन गया था दादा, सादे कपड़ों में किसान बनकर पहुंची पुलिस ने खेतों से दबोचा।
- Reported By: नितिन झवर | Edited By: सजल रघुवंशी
खंडवा पुलिस ने 36 साल पुराने आरोपी को दबोचा (सोर्स- सोशल मीडिया)
65 Year Old Theft Accused Arrested After 36 Years: अक्सर कहा जाता है कि “कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं” और मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की कोतवाली पुलिस ने इस कहावत को एक बार फिर सच साबित कर दिया है। वर्ष 1989 में कपड़े की दुकान में चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हुआ आरोपी 36 साल तक पुलिस को चकमा देता रहा।
आखिरकार 61 साल की उम्र में वह कानून के शिकंजे में आ ही गया। लंबे समय तक पहचान छिपाकर सामान्य जिंदगी जी रहे आरोपी को पुलिस ने एक विशेष रणनीति के तहत गिरफ्तार कर लिया।
जमानत पर छूटने के बाद 36 साल तक रहा फरार
पूरे मामले की शुरुआत वर्ष 1989 में हुई थी। उस समय खंडवा के कोतवाली थाना क्षेत्र में कालू नाम के 25 वर्षीय युवक ने शहर की एक कपड़े की दुकान में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जमानत मिल गई। लेकिन जमानत पर बाहर आते ही वह फरार हो गया। इसके बाद वर्षों तक पुलिस उसकी तलाश करती रही, जबकि मामला अदालत में लंबित रहा। इसी साल जनवरी में न्यायालय ने पुराने प्रकरण को फिर से सक्रिय करते हुए आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
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पहचान बदली, परिवार बसाया और बन गया दादा
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए कालू ने अपना मूल गांव छोड़ दिया और खंडवा जिले के ही रुस्तमपुर क्षेत्र में नई पहचान के साथ रहने लगा। उसने अपनी पहचान इस तरह बदल ली कि किसी को उस पर शक न हो। इस दौरान उसने शादी की, परिवार बसाया, बच्चे हुए और समय के साथ वह दादा भी बन गया। उसे विश्वास हो गया था कि अब कानून उस तक कभी नहीं पहुंच पाएगा, लेकिन पुलिस ने उसकी तलाश जारी रखी।
किसान बनकर खेत पहुंचे पुलिसकर्मी, ऐसे हुआ खुलासा
आरोपी तक पहुंचने के लिए कोतवाली पुलिस ने मुखबिरों का नेटवर्क सक्रिय किया। सूचना मिलने पर हेड कांस्टेबल रफीक खान, कांस्टेबल अनुराग और पंकज साहू ने सादे कपड़ों में किसान का भेष धारण कर रुस्तमपुर के खेतों में पहुंचकर उससे मजदूरी और खेती के बहाने बातचीत शुरू की।
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बातचीत के दौरान उसकी पहचान की पुष्टि होते ही पुलिस ने मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया। खंडवा पुलिस अधीक्षक आगम जैन ने कहा कि न्याय मिलने में भले देर हो जाए, लेकिन कानून से कोई अपराधी हमेशा के लिए नहीं बच सकता। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि अपराध कर कानून से भागना संभव नहीं है।
