ग्वालियर: प्रतिबंध के बीच बेखौफ रेत माफिया! डायल-112 को मारी टक्कर, उठे संरक्षण पर सवाल
Illegal Mining Case Gwalior: ग्वालियर के डबरा में रेत प्रतिबंध के बीच बड़ा दुस्साहस, अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर ने पुलिस की डायल-112 को मारी टक्कर, चालक गिरफ्तार, FRV-35 क्षतिग्रस्त।
- Reported By: निशांत तिवारी | Edited By: सजल रघुवंशी
ग्वालियर में रेत माफिया बेखौफ (सोर्स- सोशल मीडिया)
Gwalior Sand Mafia: ग्वालियर कलेक्टर द्वारा 1 जुलाई से 30 सितंबर तक जिले में रेत खनन एवं परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद डबरा क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन लगातार जारी है। शुक्रवार सुबह झांसी रोड स्थित कुक्कू ढाबे के सामने सर्विस रोड पर अवैध रेत से भरे एक ट्रैक्टर ने पुलिस की डायल-112 (एफआरवी-35) को सामने से जोरदार टक्कर मार दी।
हादसे के समय डायल-112 पर तैनात राजेश रावत, जितेंद्र साहू एवं चालक धर्मेंद्र बघेल वाहन में मौजूद थे। गनीमत रही कि सभी पुलिसकर्मी सुरक्षित बच गए, लेकिन एफआरवी-35 क्षतिग्रस्त हो गई।
घटना के तुरंत बाद पुरिस ने ट्रैक्टर किया जब्त
थाना प्रभारी संजय शर्मा के अनुसार, एफआरवी-35 अपने निर्धारित प्वाइंट सिमरिया ताल (ग्वालियर रोड) की ओर जा रही थी, तभी ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। वहीं प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार हादसा झांसी रोड स्थित सर्विस रोड पर हुआ। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने ट्रैक्टर को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के बाद चालक ने डर के कारण अचानक तबीयत खराब होने का बहाना बनाया, जिसके बाद पुलिस ने उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।
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कुछ दिनों पहले भी सामने आया था एफआरवी का कथित वीडियो
इस घटना ने एक बार फिर जिले में जारी अवैध रेत परिवहन और उस पर प्रभावी रोक को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले भी डायल-112 की एक अन्य एफआरवी का एक कथित वीडियो सामने आया था, जिसमें अवैध रेत परिवहन करने वालों के साथ दिखाई देने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि उन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और उस मामले में क्या कार्रवाई हुई, यह भी स्पष्ट नहीं है।
उठ रहे कई बड़े सवाल
डायल-112 आम नागरिकों को आपातकालीन स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए संचालित की जाती है। ऐसे में इस घटना के बाद क्षेत्र में कई सवाल उठ रहे हैं—क्या डायल-112 का काम केवल आपातकालीन सेवाएं देना है, या फिर उस पर लग रहे अवैध रेत परिवहन से जुड़े आरोपों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए? यदि थाना प्रभारी के अनुसार एफआरवी-35 सिमरिया ताल (ग्वालियर रोड) की ओर जा रही थी, तो हादसा झांसी रोड की सर्विस रोड पर कैसे हुआ? कलेक्टर के प्रतिबंधात्मक आदेश के बावजूद अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर आखिर किसके संरक्षण में सड़कों पर दौड़ रहे हैं?
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इन सवालों के जवाब अब जांच के बाद ही सामने आएंगे। स्थानीय लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस ने ट्रैक्टर जब्त कर चालक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है।
