सच कहने का साहस हर किसी में नहीं होता, भाजपा के मंत्री ने कांग्रेस नेता की तुलना सरदार पटेल से की
Madhya Pradesh की राजनीति में एक बार फिर बयानों का दौर चल रहा, लेकिन इस बार मामला तंज का नहीं बल्कि वाली तारीफ का है। प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिग्विजय सिंह की तारीफ मे कसीदे पढ़े।
- Written By: सौरभ शर्मा
मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (फोटो- सोशल मीडिया)
BJP Leader Kailash Vijayvargiya Remark on Digvijay Singh: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानों का दौर शुरू हो गया है, लेकिन इस बार मामला तंज का नहीं बल्कि हैरान करने वाली तारीफ का है। प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के लिए प्रेम फिर से उमड़ पड़ा है। यह प्रेम इतना गहरा दिखा कि उन्होंने दिग्विजय सिंह की तुलना सीधे लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल से कर दी है। विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर दिग्विजय की तारीफों के पुल बांधे, जिससे सियासी हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर लिखा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना तो स्वाभाविक है, लेकिन सच कहने का साहस हर किसी में नहीं होता। दिग्विजय सिंह ने आरएसएस की तारीफ करके अपने इसी साहसी होने का परिचय दिया है। उन्होंने आगे कहा कि भले ही इससे दिल्ली दरबार में उनके नंबर अवश्य कम हुए होंगे, पर दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस के अंदर 50 के दशक के नेता सरदार पटेल और अन्य नेताओं की उस परंपरा पर चलने का काम किया है, जो सच कहने की हिम्मत रखते थे। यही लोकतंत्र की असली खूबसूरती भी है।
पुराना है ये ‘दोस्ताना’
आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब इन दोनों दिग्गज नेताओं के बीच ऐसी जुगलबंदी दिखी हो। इससे पहले भी विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने ऑन रिकॉर्ड दिग्विजय सिंह की तारीफ की थी। उस वक्त दिग्विजय सिंह ने भी मुस्कुराते हुए उन्हें ‘कलाकार’ कहकर धन्यवाद दिया था। अब जब दिग्विजय ने प्रधानमंत्री मोदी की पुरानी तस्वीर शेयर कर भाजपा संगठन को सराहा है, तो विजयवर्गीय ने उन्हें साहसी बता दिया है। अब लोग तो ये पूछ रहे हैं कि एक-दूसरे की तारीफ का विजयवर्गीय और दिग्विजय का ये रिश्ता आखिर क्या कहलाता है।
सम्बंधित ख़बरें
भाजपा के MLA किसन कथोरे ने कुलगांव-बदलापुर नगर परिषद को महानगर पालिका का दर्जा देनी की विधानसभा में मांग की
MPESB AEO Recruitment 2026: कृषि विस्तार अधिकारी के 2784 पदों पर भर्ती, 3 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन
भारी बारिश से बेहाल विदिशा: गर्ल्स स्कूल के पास भरा कमर तक पानी; जान जोखिम में डालकर निकाले गए छात्र
इंदौर में ‘नंबर 1’ की सफाई पर उठे गंभीर सवाल! पहली ही बारिश में बहे नगर निगम के सिंहस्थ तैयारी वाले कागजी दावे
यह भी पढ़ें: मजदूरों की पुकार पहुंचेगी दिल्ली दरबार! PM को भेजे जाएंगे 10 लाख खत, AAP का मनरेगा के खिलाफ मोर्चा
आखिर क्या था वो बयान?
दरअसल हाल ही में दिग्विजय सिंह ने संघ और भाजपा की संगठनात्मक क्षमता की खुलकर सराहना की थी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए बताया था कि किस तरह एक जमीनी कार्यकर्ता अपने नेताओं के पास बैठकर सीखता है और फिर शीर्ष पद तक पहुंचता है। कांग्रेस के स्थापना दिवस पर शशि थरूर ने भी संगठन को मजबूत करने के लिए दिग्विजय के विचारों का समर्थन किया था। अब विजयवर्गीय के इस ताजा बयान ने सियासी आग में घी डालने का काम किया है।
