कचरे में चला गया लाखों का चांदी का लोटा, नगर निगम की ईमानदारी से परिवार को मिली बड़ी राहत
Silver Pot Thrown with Garbage: इंदौर में ईमानदारी की मिसाल सामने आई। एक परिवार से गलती से कचरे में चला गया लाखों रुपये कीमत का चांदी का लोटा नगर निगम की टीम ने ट्रैकिंग ग्राउंड से खोजकर वापस किया
- Reported By: अंशुल मुकाती
इंदौर नगर निगम (फोटो सोर्स - नवभारत )
Indore Civic Staff Recovers Silver Pot: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में इस बार नगर निगम कर्मचारियों की ईमानदारी चर्चा का विषय बन गई। एक परिवार से अनजाने में लाखों रुपये कीमत का चांदी का लोटा घरेलू कचरे के साथ नगर निगम की कचरा गाड़ी में चला गया। जैसे ही परिवार को अपनी गलती का एहसास हुआ, उन्होंने तत्काल निगम अधिकारियों से संपर्क किया।
घबराए परिवार ने मांगी मदद
जानकारी के अनुसार, राजेंद्र नगर क्षेत्र के एक परिवार ने घर की सफाई के दौरान पुराने सामान के साथ रखा चांदी का लोटा भी गलती से कचरे में डाल दिया। कुछ समय बाद जब लोटा नहीं मिला तो परिवार के सदस्यों को अपनी भूल का पता चला। बताया जा रहा है कि लोटे की कीमत करीब 6 से 7 लाख रुपये है। परिवार ने तत्काल क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और नगर निगम अधिकारियों को सूचना दी।
लोकेशन ट्रेस कर शुरू किया सर्च ऑपरेशन
सूचना मिलते ही नगर निगम की टीम ने संबंधित कचरा वाहन की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद ट्रेंचिंग ग्राउंड पर पहुंचे कर्मचारियों ने उस वाहन से आए कचरे को अलग कर घंटों तक तलाश की, इस दौरान कचरे के साथ लोटा भी ट्रेन्चिंग ग्राउंड तक जा पंहुचा था । लगातार प्रयास के बाद चांदी का लोटा सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
सम्बंधित ख़बरें
MP पुलिस मुख्यालय में सीएम मोहन यादव का बड़ा एक्शन! हर जिले में बनेगा पुलिस बैंड; नए कानूनों पर दिया कड़ा जोर
जीतू पटवारी ने ग्वालियर कोर्ट में किया गुप्त सरेंडर, ₹25 हजार के निजी मुचलके पर मिली जमानत; जानें पूरा मामला
सिंधिया राजघराने की अरबों की संपत्ति का बंटवारा फिर अटका; रिकॉर्ड न मिलने से अदालत में सुनवाई टली
सागर में गलत ऑपरेशन से पैर में फैला संक्रमण, पीड़ित ने उठाई जांच की मांग; BMC पर इलाज में लापरवाही का आरोप
परिवार को लौटाई अमानत
बरामदगी के बाद नगर निगम अधिकारियों ने चांदी का लोटा उसके वास्तविक मालिक को सौंप दिया। अपनी कीमती अमानत वापस मिलने पर परिवार ने राहत की सांस ली और नगर निगम के कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। इस पूरी कार्रवाई में अधिकारियों और कर्मचारियों की तत्परता व ईमानदारी की सराहना की जा रही है।
यह भी पढें:रिश्वत मांगने वाला जूनियर इंजीनियर लोकायुक्त के जाल में फंसा, 40 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
ईमानदारी बनी शहर की पहचान
नगर निगम की इस पहल ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता के साथ-साथ जिम्मेदारी और ईमानदारी भी इंदौर की पहचान है। कर्मचारियों की संवेदनशीलता और समर्पण ने एक परिवार की वर्षों पुरानी धरोहर सुरक्षित वापस दिलाकर भरोसे की नई मिसाल कायम की।
