

Indore Property Transfers Investigation: इंदौर नगर निगम में 354 प्रॉपर्टियों के नामांतरण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि जिन लोगों के नाम पर करोड़ों रुपये की संपत्तियां ट्रांसफर की गईं, उनमें से कई लोगों को खुद इस नामांतरण की जानकारी तक नहीं है। मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच तेज कर दी गई है और पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया जा रहा है।
नगर निगम ने संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। जांच के दौरान कई लोगों ने लिखित में बताया कि उन्होंने कभी संपत्ति अपने नाम ट्रांसफर कराने के लिए आवेदन नहीं दिया और न ही उन्हें इस प्रक्रिया की जानकारी है। वहीं कुछ लोगों ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने नामांतरण कराया था, लेकिन कई मामलों में दस्तावेजों और रिकॉर्ड में भारी विसंगतियां सामने आई हैं।
मामले में अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी जांच के दायरे में आ गई है। आरोप है कि नामांतरण की प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया और रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ियां हुईं। प्रशासन अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि आखिर बिना स्पष्ट प्रक्रिया के इतनी बड़ी संख्या में नामांतरण कैसे हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब एफआईआर दर्ज कराने की मांग भी उठने लगी है। जानकारों का कहना है कि यदि जांच में नगर निगम में दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा या धोखाधड़ी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है।
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फिलहाल प्रशासन सभी दस्तावेजों की जांच कर रहा है और प्रत्येक प्रॉपर्टी के रिकॉर्ड का सत्यापन कराया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय होगी। यदि अनियमितताओं की पुष्टि होती है तो नगर निगम में यह हाल के वर्षों का सबसे बड़ा नामांतरण घोटाला साबित हो सकता है।