घटनास्थल। इमेज-एआई
Bhopal Minor Girl Sexual Assault: भोपाल में 11वीं कक्षा की छात्रा से कथित सामूहिक दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और धर्मांतरण के दबाव के मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला केवल व्यक्तिगत अपराध नहीं, बल्कि गहरी और सोची-समझी साजिश की ओर इशारा करता है। घटना की गंभीरता को देखते हुए भोपाल पुलिस ने अब चार सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। यह इस पूरे नेटवर्क की परतों को खंगाल रही है।
घटना की शुरुआत दोस्ती के बहाने हुई। आरोपी औसाफ अली खान ने पीड़िता को विश्वास में लेकर घुमाने के बहाने एक सुनसान इलाके में ले गया। वहां कार में उसके साथ दरिंदगी की गई। औसाफ के साथी माज खान ने छिपकर वारदात का वीडियो बना लिया। इसी वीडियो को हथियार बनाकर आरोपी ने छात्रा को नर्क में धकेल दिया। आरोपियों ने वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर पीड़िता से 1 लाख रुपये की मांग की। डरी-सहमी छात्रा ने किसी तरह 40000 रुपये दिए, लेकिन हैवानियत का सिलसिला यहीं नहीं रुका। ब्लैकमेलिंग के जरिए उसे बार-बार अलग-अलग कारों में ले जाकर शिकार बनाया गया।
जांच में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पीड़िता ने आरोप लगाया कि उस पर इस्लाम धर्म अपनाने और नमाज पढ़ने का दबाव बनाया गया। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या छात्रा को शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर करने के लिए ड्रग्स दिए गए थे। यह पैटर्न किसी बड़े संगठित अपराध की ओर संकेत करता है।
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पुलिस इस एंगल पर भी काम कर रही है कि क्या यह मामला 1992 के चर्चित अजमेर कांड जैसी किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है? क्या इन आरोपियों ने अन्य लड़कियों को भी इसी तरह अपने जाल में फंसाया है? जांच के घेरे में एक पुलिस कांस्टेबल की भूमिका भी है, जो संदिग्ध मानी जा रही है। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। अब एसआईटी नए सिरे से पीड़िता के बयान दर्ज करेगी ताकि इस घिनौने अपराध के पीछे छिपे हर चेहरे को बेनकाब किया जा सके।