पुलिस और पीड़ित परिवार। इमेज-प्रतीकात्मक, एआई।
Guna Boy Kidnapping Story : मध्य प्रदेश के गुना जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद की कमी और मासूमियत में बुनी गई खतरनाक साजिशों की पोल खोलती है। 12 साल के बच्चे ने नई साइकिल न मिलने की जिद में खुद के ही अपहरण का ऐसा ड्रामा रचा कि पुलिस से लेकर परिजनों तक के हाथ-पांव फूल गए।
गुना के रहने वाले सातवीं कक्षा के इस छात्र को लंबे समय से साइकिल की हसरत थी। माता-पिता ने जब मांग पूरी नहीं की तो उसने शुक्रवार को स्कूल की परीक्षा देने के बाद घर न लौटने का फैसला किया। जब शाम तक बच्चा नहीं मिला, तो परिजनों ने बदहवास होकर पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई। अगले दिन शनिवार को बच्चा बिलोनिया गांव के पास एक पुल के नीचे बेहोशी की हालत में मिला।
होश में आते ही उसने पुलिस को मनगढ़ंत कहानी सुनाई कि स्कूल के बाहर कार सवार बदमाशों ने उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर अगवा किया और यहां फेंक गए। हालांकि, पुलिस अधीक्षक प्रियंका मिश्रा की सूझबूझ और कड़ाई से पूछताछ के बाद बच्चे के बयानों की परतें उधड़ गईं। अंततः उसने कबूला कि वह सिर्फ परिवार को डराने के लिए पैदल वहां तक गया था और थकान की वजह से सो गया।
बच्चे ने पूछताछ में एक गंभीर बात कही, उसे लगता था कि घर में उसकी बहनों की हर इच्छा पूरी की जाती है, जबकि उसकी मांगों को अनसुना कर दिया जाता है। उपेक्षा का यही भाव उसे इस खतरनाक कदम तक ले गया।
यह भी पढ़ें : Mumbai Child Kidnapping: 36 घंटे में 12 नाबालिग लापता होने की खबरें फर्जी, मुंबई पुलिस का खंडन
गुना की यह घटना इकलौती नहीं है। कुछ समय पहले मध्य प्रदेश के ही इंदौर में एक छात्रा ने विदेश जाने के लिए और राजस्थान के कोटा में एक कोचिंग छात्र ने अपने पिता से 30 लाख रुपए ऐंठने के लिए खुद के अपहरण की झूठी तस्वीरें भेजी थीं। इन मामलों में भी समानता यही थी कि बच्चे अपनी किसी बड़ी मांग या असफलता को छिपाने के लिए किडनैपिंग को सबसे आसान रास्ता समझने लगे हैं।