Mohan YadavNews : मंत्रियो परफॉर्मेंस के आधार पर बनेगी चुनावी रणनीति, CM मोहन यादव की मंत्रियों से 121 चर्चा
Mohan Yadav Review: 6 महीने का मांगा एक्शन प्लान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले-निकाय चुनाव ही 2028 का पहला बड़ा टेस्ट, जमीन पर दिखना चाहिए योजनाओं का असर, परफॉर्मेंस के आधार पर बनेगी चुनावी रणनीति
- Written By: सुधीर दंडोतिया
CM Mohan Yadav Meeting: सीएम मोहन यादव ने आखिरी दिन 12 मंत्रियों का लिया रिपोर्ट कार्ड, परफॉर्मेंस रहा आधार
CM Mohan Yadav In Action Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियो के रिपोर्ट कार्ड को लेकर सीएम हाउस में चली दो दिन की बैठक में सरकार के कामकाज को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने आखिरी दिन 12 मंत्रियों के साथ करीब साढ़े तीन घंटे तक ‘वन-टू-वन’ चर्चा की और उनके विभागों का ‘रिपोर्ट कार्ड’ लिया।
सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चली इस मैराथन बैठक में मुख्यमंत्री ने खास तौर पर छह महीने पहले मंत्रियों को दिए गए लक्ष्यों और उनकी जमीनी प्रगति की गहन समीक्षा की।
मंत्रियों की जमीनी सक्रियता और तालमेल पर नजर
बैठक के दौरान मंत्रियों से उनके विभागों की उपलब्धियों, लंबित (पेंडिंग) प्रोजेक्ट्स और धरातल पर चल रही योजनाओं की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली गई। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों को उनके प्रभार वाले जिलों में सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के सख्त निर्देश दिए।
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मंत्रियों के तालमेल व फीडबैक को भी परखा
मुख्यमंत्री ने एक-एक मंत्री से सवाल किया कि पिछले छह महीनों में उन्होंने अपने प्रभार वाले जिलों के कितने दौरे किए और जनता से जुड़ी कितनी समस्याओं का मौके पर ही निपटारा कराया? सीएम ने स्थानीय विधायकों और भाजपा संगठन के पदाधिकारियों के साथ मंत्रियों के तालमेल व फीडबैक को भी परखा।
अगले 6 महीने का मांगा ‘एक्शन प्लान’
प्रशासनिक कसावट को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत अपने-अपने विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठें। लंबित परियोजनाओं की समीक्षा कर अगले छह महीने की एक ठोस कार्ययोजना (एक्शन प्लान) तैयार करें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“सरकार की योजनाओं का सीधा असर जमीन पर दिखना चाहिए। जनता और सरकार के बीच कोई दूरी नहीं रहनी चाहिए, इसके लिए मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में लगातार एक्टिव रहना होगा।”
संगठन के फीडबैक से तय होगी चुनावी रणनीति
इस महत्वपूर्ण बैठक में सरकार के साथ भाजपा संगठन भी मौजूद रहा। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संगठन और सरकार के बीच तालमेल पर जोर देते हुए कहा कि मंत्रियों को सरकार में जिम्मेदारी संगठन ने दी है, इसलिए उनसे अपेक्षा है कि वे प्रभार वाले जिलों में संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखें। उन्होंने बताया कि इस वन-टू-वन चर्चा से मिले फीडबैक के आधार पर ही पार्टी आगामी चुनावों की रणनीति तैयार करेगी।
2028 का रोडमैप: निकाय चुनाव होंगे ‘पहला बड़ा टेस्ट’
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अगले साल होने वाले नगरीय निकाय चुनाव महज स्थानीय चुनाव नहीं हैं, बल्कि यह 2028 के विधानसभा चुनावों की तैयारी का पहला और सबसे बड़ा टेस्ट होंगे।गौरतलब है कि बैठक के दौरान सीएम हाउस में मंत्रियों से कुछ खास प्रोफार्मा (फीडबैक फॉर्म) भी भरवाए गए। इन प्रोफार्मा को राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश अपने साथ दिल्ली ले गए हैं, जिससे साफ है कि मंत्रियों के कामकाज की रिपोर्ट पर केंद्रीय नेतृत्व की भी सीधी नजर है।
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इन 12 मंत्रियों के कामकाज की हुई समीक्षा
आखिरी दिन बैठक में मुख्य रूप से राकेश सिंह, तुलसी सिलावट, नागर सिंह चौहान, चेतन कश्यप, ऐंदल सिंह कंसाना, नारायण सिंह कुशवाह, राकेश शुक्ला, धर्मेंद्र लोधी, नरेंद्र शिवाजी पटेल, प्रतिमा बागरी, दिलीप अहिरवार और राधा सिंह शामिल रहे।
