बुरहानपुर में टला बड़ा हादसा, 100 साल पुराना मकान भरभराकर ढहा; नोटिसों में उलझा नगर निगम?
Building Collapse In Burhanpur: बुरहानपुर में लगातार बारिश से ढहा 100 साल पुराना जर्जर मकान, सेकंडों पहले बाहर भागा परिवार, 84 खतरनाक भवनों को निगम ने सिर्फ दिया नोटिस।
- Reported By: नितिन झवर | Edited By: सजल रघुवंशी
बुरहानपुर में बारिश से ढहा 100 साल पुराना मकान (सोर्स- सोशल मीडिया)
100 Years Old Building Collapse Burhanpur: बुरहानपुर, लगातार दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने बुरहानपुर में एक बार फिर प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल दी। नागझिरी वार्ड क्रमांक-15 स्थित बीबी की मस्जिद के सामने करीब 100 वर्ष पुराना जर्जर मकान अचानक भरभराकर ताश के पत्तों की तरह ढह गया। गनीमत रही कि मकान गिरने से कुछ ही क्षण पहले परिवार के लोग बाहर निकल गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
मकान मालिक शेख चाशम ने बताया कि यह मकान लगभग 100 वर्ष पुराना था और लगातार बारिश के कारण इसकी दीवारें पूरी तरह कमजोर हो चुकी थीं। जैसे ही मकान गिरने लगा, परिवार के लोगों ने बाहर भागकर अपनी जान बचाई। यदि कुछ सेकंड की भी देरी हो जाती तो बड़ा जनहानि वाला हादसा हो सकता था।
लगातार बारिश के चलते धराशायी हुआ पुराना मकान
पड़ोसी बानो बी ने भी बताया कि यह मकान वर्षों पुराना और बेहद जर्जर हो चुका था। उन्होंने कहा कि परिवार के अन्य सदस्य इंदौर में रहते हैं और फिलहाल यहां मौजूद नहीं हैं। लगातार बारिश के चलते मकान आखिरकार धराशायी हो गया।
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पुराने मकानों को चिन्हित कर की जाएगी कार्रवाई- कलेक्टर हर्ष सिंह
घटना के बाद जिला कलेक्टर हर्ष सिंह ने कहा कि शहर में जितने भी जर्जर मकान हैं, उन्हें नगर निगम के माध्यम से चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। वहीं नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि शहर में 84 जर्जर मकानों की पहचान पहले ही की जा चुकी है और संबंधित मकान मालिकों को नोटिस भी जारी किए गए हैं।
नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब नगर निगम को पहले से इन जर्जर मकानों की जानकारी थी और नोटिस भी जारी किए जा चुके थे, तो फिर समय रहते इन्हें हटाने की कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या जिला प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
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दो दिन की बारिश में 100 वर्ष पुराना मकान जिस तरह पलभर में जमींदोज हो गया, उसने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब शहरवासियों की मांग है कि केवल नोटिस जारी करने तक सीमित रहने के बजाय जर्जर भवनों को तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाए, ताकि किसी निर्दोष की जान जोखिम में न पड़े।
