CM मोहन यादव की सख्ती: 821 लंबित फाइलों के निस्तारण के लिए अधिकारियों को रात भर करना पड़ा काम
CM Mohan Yadav Big Action: सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐक्शन, मंत्रालय में 2 महीने से लंबित 821 'ए-प्लस' फाइलों पर जताई नाराजगी, निर्देशों के बाद आधी रात तक खुले रहे सरकारी दफ्तर।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: सजल रघुवंशी
मुख्यमंत्री मोहन यादव (फोटो सोर्स- नवभारत)
CM Mohan Yadav Strict On Pending Files: मध्य प्रदेश में प्रशासनिक लापरवाही पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सख्त रुख देखने को मिला है। राज्य सचिवालय में ‘ए-प्लस’ श्रेणी की 821 से अधिक महत्वपूर्ण नोटशीट पिछले दो महीनों से बिना निर्णय के लंबित पड़ी थीं। समीक्षा बैठक के दौरान इस बात का खुलासा होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को तत्काल इन फाइलों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
सरकारी नियमों के अनुसार, ‘ए-प्लस’ श्रेणी की नोटशीट पर अधिकतम 15 दिनों के भीतर निर्णय लिया जाना अनिवार्य है। बावजूद इसके, ये फाइलें दो महीने से अधिक समय से विभिन्न विभागों के बीच इधर-उधर घूम रही थीं, जिससे जनहित से जुड़े कार्य बाधित हो रहे थे।
बैठक में क्या हुआ?
शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने ‘ए’, ‘ए-प्लस’ और सरकार की अन्य घोषणाओं के पालन की प्रगति की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान नगरीय विकास, स्कूल शिक्षा और गृह विभाग के अधिकारियों ने प्रजेंटेशन दिया। जैसे ही चौथे विभाग की बारी आई, सीएम ने प्रजेंटेशन को बीच में ही रोक दिया और पूछा कि सर्वोच्च प्राथमिकता वाली फाइलों को अटकाने का कारण क्या है।
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मुख्यमंत्री मोहन यादव की दो-टूक
- फाइलें अटकाएं नहीं: सीएम ने स्पष्ट कहा कि फाइलें अपने पास रखकर न बैठें। यदि किसी मामले में कानूनी अड़चन आ रही है, तो उसे तुरंत मेरे सामने पेश करें।
- जनहित सर्वोपरि: उन्होंने जोर दिया कि जनता और जनप्रतिनिधि बड़ी उम्मीद के साथ आते हैं। उनकी सुनवाई होना जरूरी है, फाइलों का निराकरण होना चाहिए, न कि उन्हें दबाया जाना चाहिए।
- तत्काल आदेश के निर्देश: मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित अपर मुख्य सचिव (ACS) और प्रमुख सचिव (PS) को उसी दिन (3 जुलाई की रात) इन सभी फाइलों पर अंतिम आदेश जारी करने के निर्देश दिए।
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आधी रात तक जला दफ्तरों में चिराग
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। सरकारी दफ्तरों में अधिकारी देर रात तक डटे रहे और फाइलों पर निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज कर दी गई। सूत्रों के अनुसार, रात 12:30 बजे तक कई विभागों द्वारा इन लंबित प्रकरणों में आदेश जारी किए गए।
