MP NEWS: में नगरीय निकाय चुनाव 2027 की तैयारी शुरू, महापौर-अध्यक्ष पदों के आरक्षण की प्रक्रिया तेज
Municipal Election MP: MP में नगरीय निकाय चुनाव 2027 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। महापौर और नगर पालिका अध्यक्ष पदों के आरक्षण की प्रक्रिया तेज हो गई है। ओबीसी को 27% और महिलाओं को 50% आरक्षण मिलेगा।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
कॉन्सेप्ट इमेज (सोर्स- सोशल मीडिया)
MP Urban Local Body Election 2027: मध्यप्रदेश में प्रस्तावित नगरीय निकाय चुनाव 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार ने महापौर और नगर पालिका अध्यक्ष पदों के आरक्षण की प्रक्रिया शुरू करते हुए नगरीय विकास एवं आवास विभाग के माध्यम से आयुक्त नगरीय विकास को विहित प्राधिकारी घोषित किया है। चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा, जबकि कुल पदों में 50 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे।
प्रदेश में पिछली बार नगरीय निकाय चुनाव साल 2022 में आयोजित किए गए थे। हालांकि यह चुनाव 2019 में प्रस्तावित थे, लेकिन राजनीतिक परिस्थितियों, सत्ता परिवर्तन और कोरोना महामारी के कारण प्रक्रिया में देरी हुई। इसके बाद ओबीसी आरक्षण का मामला न्यायालय पहुंचा, जहां सुनवाई के बाद 27 प्रतिशत आरक्षण के साथ चुनाव संपन्न कराए गए।
लॉटरी प्रणाली से होगा आरक्षण
नगरीय निकायों में महापौर और अध्यक्ष पदों का आरक्षण सामान्य, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणियों के आधार पर किया जाएगा। प्रदेश के 16 नगर निगमों में आरक्षण का निर्धारण लॉटरी प्रणाली के माध्यम से होगा। अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए सीटों का आरक्षण संबंधित क्षेत्र की जनसंख्या के अनुपात में तय किया जाएगा, जबकि ओबीसी आरक्षण रोटेशन प्रणाली के अनुसार लागू होगा।
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महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण
राज्य के नगरीय निकायों में महिलाओं को आधी हिस्सेदारी मिलेगी। कुल पदों में 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी। इनमें सामान्य महिला, ओबीसी महिला, एससी महिला और एसटी महिला श्रेणियां शामिल होंगी। इससे स्थानीय निकायों में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान आरक्षण व्यवस्था
फिलहाल प्रदेश के नगर निगमों में अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार आरक्षण लागू है। इंदौर, जबलपुर, रीवा और सिंगरौली सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हैं। ग्वालियर, देवास, बुरहानपुर, सागर और कटनी सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित हैं। रतलाम और सतना ओबीसी वर्ग के लिए, जबकि भोपाल और खंडवा ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित हैं। उज्जैन एससी, मुरैना एससी महिला और छिंदवाड़ा एसटी वर्ग के लिए आरक्षित है।
निर्वाचन आयोग ने भी शुरू की तैयारी
दूसरी ओर मध्य प्रदेश निर्वाचन आयोग ने भी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। मतदाता सूची को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कराए गए विशेष गहन पुनरीक्षण के आधार पर अपडेट किया जाएगा। साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारियों से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की उपलब्धता और स्थिति संबंधी जानकारी मांगी गई है। आयोग चुनाव से पहले सभी तकनीकी और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने की दिशा में काम कर रहा है।
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सरकार और निर्वाचन आयोग स्तर पर तैयारी शुरू
राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे नगरीय निकाय चुनाव 2027 को लेकर सरकार और निर्वाचन आयोग दोनों स्तरों पर तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं। आने वाले महीनों में आरक्षण प्रक्रिया और मतदाता सूची पुनरीक्षण चुनावी गतिविधियों को और गति देंगे।
