राज्यसभा नामांकन विवाद: कांग्रेस का आज से तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी आंदोलन, भाजपा कार्यालयों का होगा घेराव

MP Congress Protest : मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस ने MP में तीन दिवसीय आंदोलन का ऐलान किया है। युवा कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ता भाजपा कार्यालयों का घेराव करेंगे।
MP Rajya Sabha Nomination Controversy
कांग्रेस का प्रदर्शन (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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MP Rajya Sabha Nomination Controversy: कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता से जोड़ते हुए भाजपा और निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी सोमवार से तीन दिवसीय चरणबद्ध विरोध अभियान शुरू करेगी।

कांग्रेस द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 15 जून को युवा कांग्रेस, 16 जून को NSUI और 17 जून को महिला कांग्रेस प्रदेश के सभी जिलों में प्रदर्शन करेंगी। आंदोलन के दौरान कार्यकर्ता जिला मुख्यालयों पर निर्वाचन आयोग के खिलाफ विरोध दर्ज कराएंगे, भाजपा कार्यालयों का घेराव करेंगे तथा चुनाव आयोग के पुतले भी जलाएंगे।

दिल्ली में प्रदर्शन कर चुकी है कांग्रेस

इस मामले को लेकर कांग्रेस पहले ही राष्ट्रीय स्तर पर विरोध दर्ज करा चुकी है। पार्टी के विधायक दिल्ली में प्रदर्शन कर चुके हैं। कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय भी मांगा था, हालांकि समय नहीं मिल सका। वहीं निर्वाचन आयोग द्वारा अपील खारिज किए जाने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, लेकिन अदालत ने अधिकार क्षेत्र का हवाला देते हुए याचिका खारिज कर दी। इसके बाद कांग्रेस ने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है।

चरणबद्ध तरीके से होगा आंदोलन

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा। संगठन प्रभारी महामंत्री संजय कामले ने सभी मोर्चा संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों को पत्र जारी कर कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

जनसमर्थन जुटाने की रणनीति

डॉ. संजय कामले ने कहा कि राज्यसभा निर्वाचन प्रक्रिया में हुआ कथित पक्षपात लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। उनके अनुसार इस घटनाक्रम ने संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस अब इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाकर व्यापक जनसमर्थन जुटाने की रणनीति पर काम कर रही है।

और गर्मा सकती है प्रदेश की राजनीति

कांग्रेस का दावा है कि यह आंदोलन केवल एक उम्मीदवार के नामांकन का मामला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की रक्षा का संघर्ष है। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और अधिक गर्मा सकता है।

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