ई-अटेंडेंस पर सरकार सख्त, 90% से कम उपस्थिति वाले शिक्षकों का वेतन जारी करने पर संकुल प्राचार्य होंगे निलंबित
MP Education News: मध्यप्रदेश में 90% से कम ई-अटेंडेंस वाले शिक्षकों का वेतन जारी करने पर संकुल प्राचार्य निलंबित होंगे। लोक शिक्षण आयुक्त ने DEO और संयुक्त संचालकों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
लोक शिक्षण संचालनालय (फोटो सोर्स- नवभारत)
MP Teacher e-Attendance : मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर सख्ती और बढ़ा दी है। अब 90 प्रतिशत से कम ई-अटेंडेंस वाले शिक्षकों का वेतन भुगतान कराने वाले संकुल प्राचार्यों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। लोक शिक्षण आयुक्त ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और संभागीय संयुक्त संचालकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
आदेश के अनुसार यदि किसी संकुल प्राचार्य ने निर्धारित मानकों से कम ई-अटेंडेंस वाले शिक्षक का वेतन जारी किया तो उसके खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, यदि संबंधित अधिकारियों ने समय पर कार्रवाई नहीं की तो जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और संयुक्त संचालक भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
5% शिक्षक नहीं कर रहे मानकों का पालन
प्रदेश में वर्तमान में करीब 1,500 संकुल प्राचार्य कार्यरत हैं और प्रत्येक संकुल के अंतर्गत औसतन 40 प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय आते हैं। ऐसे में नए आदेश का असर पूरे स्कूल शिक्षा तंत्र पर पड़ेगा। लोक शिक्षण संचालनालय के अनुसार प्रदेश में लगभग 95 प्रतिशत शिक्षक नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज कर रहे हैं, जबकि शेष शिक्षक अब भी निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। विभाग का कहना है कि कम उपस्थिति वाले शिक्षकों का वेतन जारी करना शासन के आदेशों का उल्लंघन माना जाएगा।
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निलंबन के निर्देश
लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने कहा कि जिन शिक्षकों की कम ई-अटेंडेंस के कारण वेतन कटौती की गई है, उन्हें केवल वास्तविक उपस्थिति के आधार पर ही भुगतान किया जाना चाहिए। इसके बावजूद कई संकुल प्राचार्यों द्वारा वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू किए जाने की शिकायतें मिली थीं। इसी के चलते अब उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
नेटवर्क समस्या वाले क्षेत्रों को राहत
हालांकि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या यानी शैडो एरिया है, वहां राहत देने का अधिकार संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को होगा। ऐसे मामलों में स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। गौरतलब है कि स्कूल शिक्षा विभाग पहले ही ई-अटेंडेंस नहीं लगाने वाले शिक्षकों के खिलाफ वेतन कटौती का आदेश जारी कर चुका है। अब अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए संकुल प्राचार्यों की जवाबदेही भी तय कर दी गई है।
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शिक्षक संगठन कर रहे विरोध
उधर, शिक्षक संगठन लगातार 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता का विरोध कर रहे हैं। पिछले महीने विभिन्न संगठनों ने स्कूल शिक्षा मंत्री और विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर नियम में राहत देने की मांग की थी, लेकिन विभाग ने फिलहाल कोई छूट नहीं दी है। मध्यप्रदेश में 1 जुलाई 2026 से सभी शिक्षकों और शैक्षणिक अमले के लिए मोबाइल ऐप आधारित जीपीएस ई-अटेंडेंस व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है। विभागीय पोर्टल पर सभी स्कूलों की उपस्थिति का रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।
