भोपाल डबल मर्डर केस: प्रॉपर्टी विवाद और सुपारी किलिंग एंगल पर जांच तेज, ऑनलाइन पेमेंट से मिला बड़ा सुराग
Bhopal SIT Investigation : भोपाल के ऐशबाग डबल मर्डर केस में पुलिस को ऑनलाइन पेमेंट और सीसीटीवी से अहम सुराग मिले हैं। एसआईटी प्रॉपर्टी विवाद और सुपारी किलिंग एंगल पर जांच कर रही है।
- Written By: प्रीतेश जैन
कॉन्सेप्ट इमेज (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Bhopal Double Murder Case : राजधानी भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र स्थित सुदामा नगर की आंबेडकर कॉलोनी में बुजुर्ग दंपती हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला बारीक की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने कई अहम सुराग जुटाए हैं। शुरुआती जांच में पुलिस का फोकस प्रॉपर्टी विवाद और सुपारी किलिंग की आशंका पर है।
पुलिस ने जांच के दौरान मृतका शकुंतला बारीक के भाई विनोद बारीक, उनके समधी मोरिस सोलोमन और मोरिस के बेटे को हिरासत में लेकर करीब 12 घंटे तक पूछताछ की। तीनों के मोबाइल फोन जब्त कर कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की जांच की गई। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया, हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी किसी भी व्यक्ति को पूरी तरह क्लीन चिट नहीं दी गई है और तकनीकी जांच जारी है।
किराएदार वारदात से 4 दिन पहले हुआ लापता
जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। दंपती के मकान में रहने वाला एक किराएदार वारदात से लगभग चार दिन पहले अचानक लापता हो गया था। उसका सामान अब भी मकान में मौजूद है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और मान रही है कि उससे पूछताछ मामले के कई पहलुओं से पर्दा उठा सकती है।
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फुटेज में दिखा संदिग्ध
घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में दो संदिग्ध युवक रेनकोट पहने और हाथों में ग्लव्स लगाए दिखाई दिए हैं। पुलिस ने इलाके के अन्य कैमरों की फुटेज भी खंगाली, जिसमें एक शराब दुकान का सीसीटीवी फुटेज भी शामिल है। इसमें संदिग्ध हुलिए का एक युवक शराब खरीदते हुए दिखाई दिया। उसने भुगतान ऑनलाइन किया था। इसी डिजिटल ट्रांजेक्शन के आधार पर पुलिस ने एक संदिग्ध की पहचान की है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
12 सदस्यीय SIT कर रही जांच
मामले की जांच के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने एडिशनल डीसीपी रश्मि अग्रवाल के नेतृत्व में 12 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। टीम में दो एसीपी, क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस के अधिकारी शामिल हैं। एसआईटी तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल ट्रांजेक्शन और संबंधित लोगों के बयानों का मिलान कर हत्यारों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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जल्द होगा मामले का खुलासा
एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। भोपाल पुलिस सभी संभावित एंगल पर गंभीरता से काम कर रही है। प्रॉपर्टी विवाद, सुपारी देकर हत्या और अन्य संभावित कारणों की जांच जारी है। उन्होंने भरोसा जताया कि तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
