FIR on Congress Leaders MP: हाईवे जाम करने पर कांग्रेस नेताओं पर FIR, 26 विधायकों सहित 600 से अधिक पर केस
MP Congress Highway Protest: महू में दो विधायकों सहित 33 व खलघाट में नेता प्रतिपक्ष पर केस कांग्रेस ने सरकार पर डरने का आरोप लगाते हुए कहा किअन्नदाता की लड़ाई अब और मजबूती से लड़ी जाएगी।
- Written By: सुधीर दंडोतिया
हाईवे जाम करने पर कांग्रेस नेताओं पर एफआईआर, सोर्स : सोशल मीडिया
Madhya Pradesh Congres Protest: मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस ने 7 मई को नेशनल हाईवे एबी रोड (आगरा मुंबई रोड) को जाम किया था, Congress नेताओं ने धार के खलघाट से लेकर मुरैना तक 11 जिलों के 747 किलोमीटर क्षेत्र में 7 जगह चक्काजाम किया, पुलिस ने हाईवे जाम करने वाले सैकड़ों नेताओं पर एफआईआर दर्ज की है ।
एमपी के दो दर्जन से ज्यादा विधायकों पर हाईवे जाम करने पर एफआईआर दर्ज की गई है। प्रदेश के अलग अलग थानों में ये केस दर्ज किए गए हैं। इस मामले में प्रदेशभर के अनेक कांग्रेसी विधायक कानूनी पचड़े में फंस गए है।
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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा।
मुबारक हो मेरे प्रदेश के किसानों…
भाजपा सरकार आपसे डर गई है। खलघाट सहित पूरे प्रदेश में किसानों के हक़ की आवाज़ उठी तो भाजपा ने समाधान नहीं, FIR का रास्ता चुना।
मेरे नाम सहित कांग्रेस के कई विधायकों और सैंकड़ों नेताओं पर मुकदमे दर्ज कर दिए गए। क्या किसानों के लिए MSP मांगना… pic.twitter.com/sv5gO5NFp8 — Umang Singhar (@UmangSinghar) May 9, 2026
किसानो के मुद्दे पर किया था चक्का जाम
कांग्रेस नेताओं ने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर किसानों किये गए फसल की एमएसपी के वादे तोड़ने, फसल का सही दाम नहीं मिलने सहित अन्य परेशानियों को लेकर गंभीर आरोप लगाये थे और इसे आधार बनाकर 7 मई को एबी रोड पर 7 जगह चक्काजाम किया, 11 बजे से 3 बजे तक आयोजित चक्काजाम के कारण हाईवे पर चलने वाले वाहनों को परेशानी हुई, कई जगह लंबे जाम की स्थिति भी बनी हालाँकि कांग्रेस ने कहा था कि हमारा उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं है फिर भी जाम के चलते लोग परेशान हुए।कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ किसानों से किए गए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के वादों को तोड़ने का आरोप लगाया।इसके अलावा किसानों को फसल का सही दाम न मिलना और अन्य कृषि संबंधी समस्याओं को मुख्य मुद्दा बनाया गया।
सरकार का दावा
सरकार का दावा है कि अब तक किसानों को गेहूं उपार्जन के लिए 10,403.17 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।लगभग 9.38 लाख किसानों से 56.45 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई है।समर्थन मूल्य ₹2275 के साथ ₹125 बोनस मिलाकर कुल ₹2400 प्रति क्विंटल (कुछ क्षेत्रों में ₹2625 की चर्चा) की दर से भुगतान की बात कही जा रही है।
