फूड टेस्टिंग के नाम पर सिर्फ कलर नापती दिखी शासकीय टेस्टिंग वैन, HAVMOR की आइसक्रीम जांच में ‘फेल’!
Reality Check: गर्मियों में आइसक्रीम के शौकीन हो जाएं सावधान! आज नवभारत की टीम मोबाइल टेस्टिंग वैन के पास चार अलग-अलग कंपनियों की आइसक्रीम लेकर पहुंची, जांच में हैवमोर की क्वालिटी खराब निकली।
- Reported By: शिवम दत्त तिवारी | Edited By: सजल रघुवंशी
आईसक्रीम टेस्टिंग (सोर्स- नवभारत रिपोर्ट)
Ice Cream Quality Test In Bhopal: भीषण गर्मी के बीच लोग राहत पाने के लिए बड़ी मात्रा में आइसक्रीम का सेवन कर रहे हैं लेकिन राजधानी भोपाल में की गई एक जांच ने आइसक्रीम की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नवभारत की टीम ने आईस्क्रीम बनाने वाली हैवमोर कंपनी समेत चार अलग-अलग कंपनियों की आइसक्रीम के सैंपल लेकर एफएसएसएआई की मोबाइल फूड टेस्टिंग यूनिट में जांच कराई।
जांच के दौरान हैवमोर की आइसक्रीम के सैंपल में संदिग्ध और संभावित रूप से नुकसानदायक कलर पाए जाने की जानकारी सामने आई। मौके पर मौजूद केमिस्ट ने बताया कि खाद्य पदार्थों में इस प्रकार के रंगों का अत्यधिक उपयोग स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल सकता है और लंबे समय में शुगर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को बढ़ा सकता है। हालांकि विस्तृत और अंतिम रिपोर्ट लैब परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मोबाइल टेस्टिंग वैन की हालत भी खराब
मामले का दूसरा पहलू एफएसएसएआई की कार्यप्रणाली से जुड़ा हुआ है। शासन द्वारा खाद्य सामग्री की जांच के लिए नियुक्त मोबाइल टेस्टिंग वैन की हालत भी चिंताजनक नजर आई। निरीक्षण के दौरान वाहन लंबे समय से एक ही स्थान पर खड़ा मिला। पूरी गाड़ी धूल से सनी हुई थी और अंदर टेस्टिंग सामग्री अव्यवस्थित हालत में रखी थी। कई जरूरी जांच उपकरण और सामग्री भी उपलब्ध नहीं मिलीं।
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सवालों के घेरे में जांच व्यवस्था
जानकारी के अनुसार यह मोबाइल लैब संभाग के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर खाद्य पदार्थों की नियमित जांच के लिए बनाई गई है, जिससे लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके लेकिन मौके पर जो स्थिति दिखाई दी। उससे विभागीय निगरानी और व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। यदि जांच व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित रह जाएगी तो मिलावटी और घटिया खाद्य सामग्री बेचने वालों पर प्रभावी कार्रवाई संभव नहीं हो पाएगी।
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भोपाल में 40 डिग्री से ऊपर तापमान
राजधानी भोपाल में इन दिनों तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। ऐसे में बच्चे, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में ठंडी खाद्य सामग्री का सेवन कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी के मौसम में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी है।
