साहबगिरी को अपने ऊपर हावी न होने दें, विनम्रता और ईमानदारी से काम करें, DGP ने दिए IAS अधिकारियों के दिए मंत्र
MP Police Headquarters : DGP कैलाश मकवाणा ने प्रशिक्षु IAS अधिकारियों को जनसेवा, ईमानदारी और नेतृत्व के मंत्र दिए। कहा- प्रशासनिक सेवा जनता की सेवा का दायित्व है, साहबगिरी नहीं।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
ट्रेनिंग सेशन (फोटो सोर्स- नवभारत)
DGP Kailash Makwana IAS Training: प्रशासनिक सेवा का उद्देश्य जनता की सेवा करना है, न कि पद का अहंकार दिखाना। अधिकारी कभी भी ‘साहबगिरी’ को अपने ऊपर हावी न होने दें और हमेशा विनम्रता, ईमानदारी और सकारात्मक सोच के साथ काम करें। यह बात मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाणा ने 2025 बैच के प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कही।
मध्य प्रदेश कैडर के 2025 बैच के आठ प्रशिक्षु भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों ने हाल ही में पुलिस मुख्यालय पहुंचकर डीजीपी कैलाश मकवाणा से मुलाकात की। इस दौरान डीजीपी ने नवागत अधिकारियों को प्रशासनिक सेवा की जिम्मेदारियों, नेतृत्व क्षमता और जनसेवा से जुड़े महत्वपूर्ण टिप्स दिए।
डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी का पद एक बड़ी जिम्मेदारी है। अधिकारी को हमेशा जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अच्छे प्रशासक की पहचान उसकी निष्पक्षता, व्यवहार और निर्णय लेने की क्षमता से होती है।
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तथ्यों का गहराई से सत्यापन करें
उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को सलाह दी कि किसी भी सूचना पर तुरंत भरोसा करने के बजाय तथ्यों का गहराई से सत्यापन करें। प्रशासनिक निर्णय हमेशा सही जानकारी और निष्पक्ष जांच के आधार पर लिए जाने चाहिए। डीजीपी ने बदलते समय के साथ अधिकारियों को नए विषयों की जानकारी रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में साइबर अपराध, साइबर फ्रॉड, नए आपराधिक कानून और नशा मुक्ति जैसे विषयों को समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों और मैदानी अमले से सीखने में कभी संकोच न करें।
मंदसौर की घटना का दिया उदाहरण
नेतृत्व क्षमता पर चर्चा करते हुए डीजीपी ने मंदसौर की एक घटना का उदाहरण दिया और बताया कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य, संवाद और सही नेतृत्व के माध्यम से बड़ी चुनौतियों का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक युवा अधिकारी की सबसे बड़ी पूंजी उसकी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा होती है, इसलिए भ्रष्टाचार और व्यक्तिगत स्वार्थ से हमेशा दूर रहना चाहिए।
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सीखने और काम करने का बेहतर वातावरण
डीजीपी ने कहा कि मध्य प्रदेश कैडर अधिकारियों के लिए सीखने और काम करने का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराता है। यहां अनुभवी अधिकारियों का मार्गदर्शन और प्रशासनिक अनुभव नवागत अधिकारियों को बेहतर कार्य करने में मदद करेगा। इस अवसर पर प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी खोत पुष्पराज नानासाहेब, आयुषी बंसल, माधव अग्रवाल, श्लोक वाइकर, आशी शर्मा, शैलेंद्र चौधरी, शिल्पा चौहान और सौम्या मिश्रा मौजूद रहे।
