DGP का बड़ा आदेश: 5 साल से एक ही थाने में टिके पुलिसकर्मियों का होगा ट्रांसफर

MP Police Posting Rules: मध्य प्रदेश के DGP कैलाश मकवाणा ने नया आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक कोई भी पुलिसकर्मी 5 साल से ज्यादा एक ही थाने में पदस्थ नहीं रह पाएगा। ऐसे कर्मियों का तबादला होगा।
Madhya Pradesh police transfer policy
DGP कैलाश मकवाणा (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Madhya Pradesh Police Transfer Policy: मध्य प्रदेश पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ाने के लिए डीजीपी कैलाश मकवाणा ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। नए निर्देशों के तहत अब किसी भी पुलिसकर्मी की एक थाने में एक पद पर अधिकतम 5 साल तक ही पदस्थापना की जा सकेगी। सामान्य अवधि 4 साल तय की गई है, जबकि इससे अधिक समय तक किसी भी थाने में तैनाती नहीं रहेगी।

डीजीपी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि लंबे समय तक एक ही थाने या अनुभाग में पदस्थ रहने से शिकायतें बढ़ती हैं और कार्यप्रणाली की निष्पक्षता प्रभावित होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पूरे राज्य में नियमित रोटेशन व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। यह व्यवस्था हाल ही में हुए 2025 के तबादलों के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए और मजबूत की जा रही है।

दोबारा एक ही थाने में नहीं मिलेगी पोस्टिंग

तबादला नीति के मुताबिक, यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी थाने में एक पद पर अपनी अवधि पूरी कर लेता है, तो उसे उसी थाने में उसी पद पर दोबारा पोस्टिंग नहीं दी जाएगी। दोबारा तैनाती के लिए कम से कम 2 साल का अंतर अनिवार्य होगा।

एक अनुभाग में कुल पदस्थापना 10 साल तय

इसके अलावा, आरक्षक से लेकर उप निरीक्षक स्तर तक के कर्मचारियों के लिए एक अनुभाग में कुल पदस्थापना अवधि अधिकतम 10 साल तय की गई है। इसमें अटैचमेंट की अवधि भी शामिल होगी। यह कदम पुलिसिंग सिस्टम में लंबे समय से जमे हुए कर्मचारियों की अदला-बदली सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

जिला पुलिस प्रमुखों को सूची तैयार करने के निर्देश

आदेश के तहत जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 1 से 5 जून के बीच तबादला सूची तैयार कर आदेश जारी करें। सभी कर्मचारियों को 15 जून तक नई पदस्थापना पर जॉइन करना अनिवार्य होगा। कैलाश मकवाणा के इस फैसले को मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी के रूप में देखा जा रहा है, जिससे प्रदेश में पुलिस व्यवस्था और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनने की उम्मीद जताई जा रही है।

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