भोपाल ATS का बड़ा खुलासा: ‘मिशन 2047’ के जरिए भारत में कट्टर इस्लामिक शासन की साजिश, गिरफ्त में हैं आरोपी
MP ATS Terror Module : भोपाल ATS जांच में ‘मिशन 2047’ का खुलासा हुआ है। संदिग्धों के पाकिस्तान हैंडलर्स से संपर्क, टारगेट किलिंग और कट्टरपंथी नेटवर्क की साजिश सामने आई है।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
कॉन्सेप्ट इमेज (सोर्स- AI)
Bhopal ATS Mission 2047: मध्य प्रदेश एटीएस (ATS) द्वारा हाल ही में पकड़े गए कथित आतंकी मॉड्यूल की जांच में देश की सुरक्षा से जुड़े कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस रिमांड पर चल रहे मुख्य आरोपी इजहार उल हक और उसके साथियों से पूछताछ में पता चला है कि संदिग्ध ‘मिशन 2047’ नामक एक खतरनाक एजेंडे पर काम कर रहे थे। जांच एजेंसियों के अनुसार इस मिशन का उद्देश्य वर्ष 2047 तक भारत में कट्टर इस्लामिक विचारधारा को बढ़ावा देना और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के एजेंडे को लागू करना था।
एटीएस सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों को पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स द्वारा लगातार निर्देश दिए जा रहे थे। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों को यह भरोसा दिलाया गया था कि देशभर में तैयार किए जा रहे तथाकथित “मुजाहिद्दीन” सही समय आने पर एक साथ सक्रिय होंगे और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को चुनौती देंगे। संदिग्धों को कथित तौर पर टारगेट किलिंग और देश में दहशत फैलाने जैसी गतिविधियों के लिए भी तैयार किया जा रहा था।
नईम ने कराया पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क
जांच में फराज नाम के एक अन्य संदिग्ध की भूमिका भी सामने आई है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘खालिद सैफुल्ला’ नाम से सक्रिय था। एटीएस के अनुसार फराज पिछले पांच से छह वर्षों से देवबंद निवासी नईम अब्दुल्ला के संपर्क में था। नईम ने ही फराज और बिहार के कुछ युवकों का संपर्क पाकिस्तानी हैंडलर्स से कराया था।
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फराज युवाओं को कर रहा था इन्फ्लुएंस
भोपाल एटीएस का दावा है कि फराज सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित कर रहा था। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वीडियो कॉल के माध्यम से उसे कथित जिहाद के नाम पर शपथ दिलाई गई थी। हैंडलर्स ने उसे “सच्चा जिहादी” बनने और जरूरत पड़ने पर जान देने तक की बात कही थी।
फराज को पाकिस्तान में दी जानी थी ट्रेनिंग
जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि फराज को पासपोर्ट बनवाने के निर्देश दिए गए थे। उसे आश्वासन दिया गया था कि किसी तीसरे देश के रास्ते पाकिस्तान ले जाकर विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। एटीएस की कार्रवाई के दौरान उसके ठिकाने से बड़ी मात्रा में संदिग्ध जिहादी सामग्री भी बरामद की गई है, जिसकी जांच जारी है।
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22 जून तक रिमांड पर मुख्य आरोपी
फिलहाल भोपाल एटीएस ने बिहार के मधुबनी से गिरफ्तार मुख्य आरोपी इजहार उल हक को 22 जून तक रिमांड पर लिया है। जांच एजेंसी अब इस नेटवर्क के अन्य राज्यों तक फैले संबंधों और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए भारत और पाकिस्तान में सक्रिय नेटवर्क से संपर्क में रहने की बात स्वीकार की है। इस पूरे खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और प्रदेश समेत देशभर में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
