भोपाल से पकड़े गए जिहादी के बाद...अब धार से पकड़ा गया एक और संदिग्ध; सामने आए चौकाने वाले इनपुट

MP ATS Big Action: मध्य प्रदेश एटीएस की बड़ी कार्रवाई, धार से संदिग्ध हाजी अजहर गिरफ्तार, फराज और नईम के मोबाइल से मिले पाक-अफगान संपर्कों के डिजिटल इनपुट, जांच तेज।
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प्रतीकात्मक इमेज (सोर्स- सोशल मीडिया)
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MP ATS Haji Azhar Dhar Arrest: मध्य प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में धार जिले से एक और संदिग्ध हाजी अजहर को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक चार लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। इससे पहले ATS ने भोपाल से मोहम्मद फराज और नईम अब्दुल्ला को गिरफ्तार किया था, जबकि हरियाणा के नूंह से भी एक संदिग्ध को पूछताछ के लिए भोपाल लाया गया है। लगातार हो रही गिरफ्तारियों के बाद जांच एजेंसियों ने मामले की पड़ताल तेज कर दी है।

एक मीडिया रिपोर्ट सूत्रों के हवाले से दावा कर रही है कि मोहम्मद फराज और नईम अब्दुल्ला से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर की गई जांच में एजेंसी को कई डिजिटल इनपुट प्राप्त हुए हैं। मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के दौरान कुछ ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर जांच का दायरा और व्यापक हो गया है। प्रारंभिक जांच में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के मोबाइल नंबरों से संपर्क के संकेत भी मिले हैं। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित नेटवर्क किस प्रकार काम कर रहा था और इसमें कितने लोग शामिल हो सकते हैं।

विदेशी संपर्क और संदिग्ध गतिविधियों की जांच

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नईम अब्दुल्ला द्वारा उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों की तस्वीरें और वीडियो कथित तौर पर पाकिस्तान भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद जांच एजेंसियां इस मामले को संभावित अंतरराज्यीय नेटवर्क से जोड़कर देख रही हैं। वहीं एटीएस को फराज के मोबाइल की डिजिटल जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि वह विदेशी संपर्कों से बातचीत के लिए एक विशेष ऐप का इस्तेमाल करता था। जांच टीम चैट रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल गतिविधियों का गहन विश्लेषण कर रही है।

कई राज्यों तक फैला नेटवर्क और गिरफ्तारियों के संकेत

जांच एजेंसियों के अनुसार अब तक मिले साक्ष्यों से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा तक नेटवर्क फैले होने के संकेत मिले हैं। एजेंसी को आशंका है कि इस नेटवर्क की पहुंच अन्य राज्यों तक भी हो सकती है। एटीएस अब संभावित सहयोगियों, संपर्कों और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।

साथ ही आर्थिक लेन-देन, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और नए साक्ष्यों के आधार पर आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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