

Vidisha NEET UG Re Exam: विदिशा शहर में आयोजित NEET-UG रीएग्जाम के दौरान रविवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब तीन छात्राएं परीक्षा में शामिल होने से वंचित रह गईं। मामला विदिशा के गर्ल्स कॉलेज परीक्षा केंद्र का है, जहां समय पर प्रवेश नहीं मिलने, बायोमेट्रिक सत्यापन फेल होने और गलत प्रवेश पत्र के कारण छात्राओं को परीक्षा देने से रोक दिया गया। इस दौरान एक छात्रा के पिता ने हंगामा कर दिया। इस दौरान छात्रा रोते हुए अपने पिता को संभालती रही।
जानकारी के अनुसार, विदिशा शहर में NEET-UG रीएग्जाम के लिए चार परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इनमें गर्ल्स कॉलेज केंद्र पर तीन छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। परीक्षा केंद्र में प्रवेश का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक निर्धारित किया गया था।
बताया जा रहा है कि स्नेहा दुबे निवासी आरएमपी नगर विदिशा और रागिनी विश्वकर्मा निवासी ग्राम कूला, तहसील कुरवाई परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से करीब दो मिनट देरी से पहुंचीं। गेट पर मौजूद स्टाफ ने समय समाप्त होने का हवाला देते हुए दोनों को अंदर प्रवेश देने से मना कर दिया। इसके बाद छात्राओं के परिजन नाराज हो गए और कॉलेज गेट पर हंगामा शुरू कर दिया।
स्थिति बिगड़ती देख परीक्षा की नोडल अधिकारी और केंद्रीय विद्यालय की प्राचार्य गीता भदौरिया मौके पर पहुंचीं। उन्होंने दोनों छात्राओं को विशेष अनुमति देकर परीक्षा केंद्र के अंदर पहुंचाया। हालांकि अंदर पहुंचने के बाद बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया में दोनों छात्राओं का थंब मैच नहीं हो सका। कई बार प्रयास करने के बावजूद तकनीकी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई, जिसके चलते दोनों को परीक्षा से बाहर कर दिया गया।
इसी दौरान विदिशा निवासी तीसरी छात्रा अक्षत श्रीवास्तव भी परीक्षा से वंचित रह गई। जानकारी के अनुसार वह पुरानी परीक्षा का एडमिट कार्ड लेकर केंद्र पर पहुंच गई थी। दस्तावेज जांच के दौरान प्रवेश पत्र अमान्य पाए जाने पर उसे भी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई। इस दौरान छात्रा के पिता ने हंगामा करते हुए गेट पर सिर मार दिया, जिससे वह बेसुध हो गए। छात्रा रोते हुए अपने पिता को संभालते हुए नजर आई। ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।